रायपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर में संचालित 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी कर छात्रों और अभिभावकों को सतर्क किया है। राहत की बात यह है कि जारी सूची में छत्तीसगढ़ के किसी भी विश्वविद्यालय का नाम शामिल नहीं है। UGC की आधिकारिक वेबसाइट भी छात्रों को दाखिले से पहले संस्थान की मान्यता जांचने की सलाह देती है।
ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन का चलन बढ़ने के साथ फर्जी संस्थानों का खतरा भी सामने आता रहा है। कई बार छात्र आकर्षक विज्ञापनों और बड़े-बड़े दावों के झांसे में आकर ऐसे संस्थानों में दाखिला ले लेते हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई, पैसे और भविष्य पर पड़ सकता है।
फर्जी विश्वविद्यालयों की डिग्री मान्य नहीं
UGC के मुताबिक, जो संस्थान निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं हैं, वे वैध विश्वविद्यालय की तरह डिग्री प्रदान नहीं कर सकते। ऐसे संस्थानों से प्राप्त डिग्री की मान्यता को लेकर छात्रों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसलिए किसी भी संस्थान में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता और संबंधित कोर्स की वैधता की जांच करना बेहद जरूरी है।
दाखिले से पहले ऐसे करें जांच
UGC ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि किसी विश्वविद्यालय की जानकारी के लिए केवल उसके विज्ञापन, सोशल मीडिया पोस्ट या प्रचार सामग्री पर निर्भर न रहें।
दाखिला लेने से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध Higher Educational Institutions (HEIs) से संबंधित जानकारी जरूर जांचें। UGC की वेबसाइट पर भी संस्थानों की प्रामाणिकता सत्यापित करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा फर्जी विश्वविद्यालय
जारी सूची में सबसे ज्यादा 12 फर्जी विश्वविद्यालय दिल्ली के बताए गए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के 4 विश्वविद्यालय सूची में शामिल हैं।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के 2-2 संस्थान सूची में बताए गए हैं। हरियाणा, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश से भी एक-एक संस्थान सूची में शामिल है। UGC की फरवरी 2026 की राज्यवार सूची में कुल 32 संस्थानों का विवरण दिया गया है।
छात्रों के लिए जरूरी सावधानी
अगर कोई संस्थान बहुत कम फीस में डिग्री, घर बैठे डिग्री, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट या बेहद कम समय में डिग्री देने का दावा करता है, तो दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता जरूर जांचें।
एक गलत एडमिशन छात्र के कई साल और लाखों रुपये बर्बाद कर सकता है। इसलिए किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले UGC की आधिकारिक सूची में उसका नाम और संबंधित मान्यता की स्थिति देखना सबसे सुरक्षित तरीका है।