15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस देश के इतिहास, वीरता और बलिदान को याद करने का खास दिन है। अगर आप इस मौके पर फिल्मों के जरिए देशभक्ति का जज्बा महसूस करना चाहते हैं, तो बॉलीवुड की कई ऐसी फिल्में हैं जो मनोरंजन के साथ-साथ साहस, त्याग, संघर्ष और देश के प्रति समर्पण की कहानी भी दिखाती हैं।
इन फिल्मों में कहीं सैनिकों की बहादुरी नजर आती है, तो कहीं आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई दिखाई गई है। आइए जानते हैं ऐसी ही 7 फिल्मों के बारे में, जिन्हें स्वतंत्रता दिवस पर अपनी वॉचलिस्ट में शामिल किया जा सकता है।
1. कर्मा: देश के लिए दुश्मन से मुकाबला
सुभाष घई की 1986 में आई फिल्म ‘कर्मा’ बॉलीवुड की चर्चित देशभक्ति फिल्मों में शामिल है। फिल्म में दिलीप कुमार ने जेलर राणा विश्व प्रताप सिंह की भूमिका निभाई थी।
कहानी में एक आतंकी उसके परिवार को तबाह कर देता है। इसके बाद राणा तीन कैदियों को साथ लेकर उस दुश्मन के खिलाफ मिशन पर निकलता है। फिल्म में जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, अनिल कपूर, श्रीदेवी और अनुपम खेर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए।
फिल्म का गाना ‘ऐ वतन तेरे लिए’ आज भी देशभक्ति का जज्बा जगाने वाले लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।
2. रोजा: प्यार, संघर्ष और देशभक्ति का संगम
मणि रत्नम की ‘रोजा’ देशभक्ति को एक अलग नजरिए से पेश करती है। फिल्म की कहानी एक महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो आतंकवादियों के कब्जे में गए अपने पति को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करती है।
कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में प्रेम, परिवार, आम लोगों की भावनाओं और देश के लिए किए जाने वाले त्याग को प्रभावी तरीके से दिखाया गया है।
ए. आर. रहमान का संगीत फिल्म की सबसे बड़ी खासियतों में से एक रहा। अगर आपको गंभीर और भावनात्मक कहानियां पसंद हैं, तो स्वतंत्रता दिवस पर ‘रोजा’ एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
3. तिरंगा: एक्शन के साथ देशभक्ति का जोश
राज कुमार और नाना पाटेकर की ‘तिरंगा’ देशभक्ति और एक्शन से भरपूर फिल्म रही है। कहानी में दोनों अधिकारी देश के सामने खड़े एक बड़े खतरे को रोकने की कोशिश करते हैं।
फिल्म में जबरदस्त एक्शन के साथ कई दमदार डायलॉग भी हैं, जो आज तक दर्शकों को याद हैं। इसी वजह से ‘तिरंगा’ देशभक्ति फिल्मों की लोकप्रिय सूची में अपनी खास जगह बनाए हुए है।
4. क्रांतिवीर: व्यवस्था और अन्याय के खिलाफ लड़ाई
नाना पाटेकर की ‘क्रांतिवीर’ पारंपरिक युद्ध आधारित देशभक्ति फिल्म से अलग है। इसमें सीमा पर दुश्मन से लड़ाई के बजाय देश के भीतर मौजूद भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष को केंद्र में रखा गया है।
नाना पाटेकर ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। उनका बेबाक अंदाज, आक्रोश और प्रभावशाली संवाद फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में रहे।
फिल्म का संदेश साफ था—गलत व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना भी देश के प्रति जिम्मेदारी का हिस्सा है।
5. बॉर्डर: सैनिकों की वीरता और परिवार का दर्द
देशभक्ति फिल्मों की बात हो और ‘बॉर्डर’ का जिक्र न हो, ऐसा कम ही होता है। जे. पी. दत्ता की यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला की लड़ाई से प्रेरित थी।
सनी देओल समेत कई कलाकारों ने इसमें भारतीय सैनिकों की भूमिका निभाई। फिल्म में युद्ध के साथ सैनिकों की निजी जिंदगी, परिवार और अपनों से दूर रहने का दर्द भी दिखाया गया है।
दमदार युद्ध दृश्यों और ‘संदेसे आते हैं’ जैसे यादगार गानों ने फिल्म को दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया। देशभक्ति और भावनाओं से भरपूर फिल्म देखना चाहते हैं तो ‘बॉर्डर’ शानदार विकल्प है।
6. चाइना गेट: फिर एकजुट हुए पूर्व सैनिक
1998 में रिलीज हुई ‘चाइना गेट’ की कहानी कुछ पूर्व सैनिकों के आसपास घूमती है। गांव को डकैतों से बचाने के लिए ये सैनिक एक बार फिर साथ आते हैं।
फिल्म में ओम पुरी, अमरीश पुरी समेत कई बेहतरीन कलाकार नजर आए। कहानी में एक्शन के साथ सैनिकों के संघर्ष, आपसी रिश्तों और भावनात्मक पहलुओं को भी जगह दी गई है।
7. सरफरोश: आतंकवाद के खिलाफ पुलिस की लड़ाई
आमिर खान की ‘सरफरोश’ देश की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित फिल्म है। आमिर खान ने इसमें एसीपी अजय सिंह राठौड़ की भूमिका निभाई थी।
फिल्म में वह सीमा पार से संचालित आतंकवादी नेटवर्क का पता लगाने और उसे रोकने की कोशिश करते हैं। नसीरुद्दीन शाह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
‘सरफरोश’ की खासियत यह है कि इसमें देशभक्ति को केवल जोश और नारों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि एक पुलिस अधिकारी की जांच, जिम्मेदारी और संघर्ष के जरिए कहानी आगे बढ़ाई गई है।
15 अगस्त पर बनाएं अपनी खास मूवी वॉचलिस्ट
अगर आप स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग तरह की देशभक्ति वाली फिल्में देखना चाहते हैं, तो ‘कर्मा’, ‘रोजा’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘बॉर्डर’, ‘चाइना गेट’ और ‘सरफरोश’ आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती हैं।
इन फिल्मों में देश के लिए बलिदान, सैनिकों का साहस, आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष और समाज में बदलाव की आवाज जैसे अलग-अलग पहलू देखने को मिलते हैं।