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भोपाल में देशभक्ति का रंग, CM मोहन यादव ने ‘प्रवासी सेनानी वीथी’ का किया लोकार्पण; तिरंगा यात्रा में भी हुए शामिल

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भोपाल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल देशभक्ति के रंग में नजर आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक में ‘प्रवासी सेनानी वीथी’ का लोकार्पण किया। यह वीथी उन प्रवासी भारतीयों के योगदान, संघर्ष और बलिदान को समर्पित है, जिन्होंने विदेशों में रहकर भी भारत की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश से बाहर रहने वाले भारतीयों का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से परिचित कराना जरूरी है।

प्रवासी भारतीयों के योगदान को समर्पित वीथी

‘प्रवासी सेनानी वीथी’ के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में प्रवासी भारतीयों की भूमिका और उनके संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों और प्रवासी भारतीयों के योगदान को सामने लाया गया है, जिन्होंने भारत से दूर रहते हुए भी आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया।

इस पहल का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के उन पहलुओं से परिचित कराना है, जिनमें विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

तिरंगा यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

शौर्य स्मारक में कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए।

बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। देश को आजादी लंबे संघर्ष और लाखों लोगों के त्याग एवं बलिदान के बाद मिली है। इसलिए राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।

विभाजन की त्रासदी को किया याद

मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन, हिंसा और भारी पीड़ा का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भविष्य में देश को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना जरूरी है।

‘भारत सबल और सक्षम बने’

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी क्षमता और सामर्थ्य के आधार पर दुनिया में प्रभावशाली भूमिका निभानी चाहिए। भारतीय संस्कृति और मूल्यों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के साथ देश को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के लिहाज से मजबूत बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इसके पीछे करोड़ों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान रहा है। आज जिम्मेदारी है कि देश की सुरक्षा, अखंडता और विकास को और मजबूत किया जाए।

‘नो मीटिंग्स डे’ पर जनता के बीच जाएंगे CM

मुख्यमंत्री ने बताया कि शुक्रवार को मध्यप्रदेश में ‘नो मीटिंग्स डे’ रखा गया है। इस दौरान मंत्रालय स्तर की नियमित बैठकों के बजाय वे सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री बड़वानी के आदिवासी क्षेत्र में जनविश्वास अभियान के तहत लोगों से संवाद करेंगे और स्थानीय समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े विवाद और कांग्रेस के सत्याग्रह को लेकर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस सत्य नहीं जानती तो सत्याग्रह क्या जानेगी।”

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले भोपाल में आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए सरकार ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करने का संदेश दिया।

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