India-Singapore Relations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल 19 और 20 अगस्त को आयोजित होने वाले चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) में हिस्सा लेगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना है।
प्रतिनिधिमंडल में कई बड़े मंत्री शामिल
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल हैं।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी से इस बैठक के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
2022 में हुई थी ISMR की शुरुआत
भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत 2022 में हुई थी। यह दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर उच्चस्तरीय संवाद का प्रमुख मंच बन चुका है।
इस बैठक के जरिए अब तक हुए सहयोग की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में साझेदारी के नए क्षेत्रों पर विचार किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाना है।
इन 6 क्षेत्रों पर रहेगा खास फोकस
चौथे ISMR में दोनों देश मुख्य रूप से छह क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। इनमें शामिल हैं:
- उन्नत विनिर्माण
- कनेक्टिविटी
- डिजिटलीकरण
- स्वास्थ्य और चिकित्सा
- कौशल विकास
- स्थिरता
इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ने से दोनों देशों के कारोबार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।
आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की तैयारी
वित्त मंत्रालय के अनुसार, चौथा ISMR अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेगा और भारत-सिंगापुर आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के नए अवसर तलाशेगा।
भारत और सिंगापुर के बीच लंबे समय से व्यापार और निवेश के मजबूत संबंध रहे हैं। ऐसे में यह बैठक दोनों देशों के लिए भविष्य की आर्थिक रणनीति तय करने और सहयोग को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।