बिलासपुर – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के खिलाफ न्यायालय की अवमानना के मामले में सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस विभु दत्ता गुरु की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश की कथित अवहेलना के लिए उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
ड्राइवर के तबादले से जुड़ा है पूरा मामला
पूरा मामला गरियाबंद जिले के कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में पदस्थ ड्राइवर दायासिंह ध्रुव के तबादले से जुड़ा है। गरियाबंद कलेक्टर ने दायासिंह ध्रुव का स्थानांतरण मैनपुर कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट बिलासपुर में रिट याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने छह महीने में निराकरण का दिया था निर्देश
याचिका पर 16 अक्टूबर 2025 को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को निर्देश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के ‘एस.के. नौशाद रहमान विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया’ मामले में दिए गए न्यायदृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का छह महीने के भीतर निराकरण किया जाए।
आदेश का पालन नहीं होने पर दायर हुई अवमानना याचिका
याचिकाकर्ता का आरोप है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद निर्धारित छह महीने की अवधि में उसके अभ्यावेदन का निराकरण नहीं किया गया और न ही स्थानांतरण आदेश को निरस्त किया गया। इसके बाद दायासिंह ध्रुव ने हाईकोर्ट के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की।
कोर्ट ने मांगा स्वास्थ्य सचिव से जवाब
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उनसे जवाब मांगा है कि आदेश का पालन नहीं किए जाने के कारण उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। अब मामले में स्वास्थ्य सचिव के जवाब के बाद आगे की न्यायिक कार्रवाई तय होगी।