उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज यूपी के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता की पहचान पूरी दुनिया में हो रही है। जापान, जर्मनी और इजराइल जैसे विकसित देशों में प्रदेश के कुशल और हुनरमंद युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और उन्हें बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कृषि विभाग और राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 3,572 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। कभी जिन युवाओं को पहचान और अवसर के संकट का सामना करना पड़ता था, आज उन्हीं के कौशल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है।
जापान, जर्मनी और इजराइल में बढ़ी यूपी के युवाओं की मांग
सीएम योगी ने कहा कि जापान, जर्मनी और इजराइल जैसे देश यूपी के तकनीकी और कुशल युवाओं को रोजगार देने में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में जापान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया था, जिसने कार्यबल चयन के लिए उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता दी।
जापान के अलावा जर्मनी और इजराइल भी प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश के युवाओं की बढ़ती क्षमता और बदलती वैश्विक छवि का प्रमाण बताया।
इजराइल में 5 हजार युवा, 1.5 लाख रुपये तक वेतन
मुख्यमंत्री ने इजराइल में काम कर रहे यूपी के युवाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 5 हजार भारतीय युवाओं को वहां रोजगार के लिए भेजा गया है। सरकार ने इजराइली प्रशासन के साथ समन्वय कर युवाओं के लिए सुरक्षित माहौल, उचित आवास और खान-पान जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं।
उन्होंने कहा कि इजराइल में काम कर रहे कुछ युवा प्रतिमाह करीब 1.5 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि वे अपने परिवारों को भी बेहतर भविष्य देने में सक्षम हो रहे हैं।
2017 से पहले पलायन, अब रोजगार के लिए बन रहा यूपी का नाम
योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ के तौर पर देखा जाता था। कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को पलायन करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि आज बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और कौशल विकास की नीतियों ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। उत्तर प्रदेश अब देश में बड़े औद्योगिक निवेश का केंद्र बनने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी अपने कुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोल रहा है।