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गूगल ने प्ले स्टोर से हटाए 3 फर्जी लोन ऐप, डेटा चोरी और भारी ब्याज वसूली का आरोप

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Fake Loan Apps: गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा टीम की शिकायत के बाद गूगल ने प्ले स्टोर से तीन कथित फर्जी लोन ऐप्स को हटा दिया है। आरोप है कि ये ऐप कम ब्याज पर तुरंत लोन देने का लालच देकर यूजर्स की निजी जानकारी हासिल करते थे और बाद में भारी ब्याज व पेनाल्टी वसूलने के साथ उन्हें परेशान करते थे। अगस्त में अब तक ऐसे 9 ऐप्स पर कार्रवाई की जा चुकी है।

किन 3 लोन ऐप्स पर हुई कार्रवाई?

गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा टीम I4C ने 19 अगस्त को गूगल को नोटिस भेजकर तीन ऐप्स को हटाने के लिए कहा था। इनमें:

  • Horizon Cash Service
  • Money Score Monitor
  • JellyCredit

शामिल हैं।

इन ऐप्स पर आरोप है कि ये बेहद कम ब्याज पर कुछ ही मिनटों में लोन देने का दावा करते थे। यूजर के ऐप डाउनलोड करने के बाद उनसे ज्यादा ब्याज और पेनाल्टी की मांग की जाती थी।

यूजर्स का कौन-सा डेटा होता था खतरे में?

ऐसे फर्जी ऐप्स यूजर से जरूरत से ज्यादा मोबाइल परमिशन मांग सकते हैं। इनमें पहचान से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी, कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी और कैमरे तक पहुंच शामिल हो सकती है।

आरोप है कि इस तरह हासिल की गई जानकारी का इस्तेमाल यूजर्स को डराने, परेशान करने या ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था।

नोटिस के बाद गूगल ने हटाए ऐप्स

सरकारी एजेंसी की ओर से कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद इन तीनों ऐप्स को Google Play Store से हटा दिया गया। कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत की गई बताई गई है।

इससे पहले 7 अगस्त को भी सरकार ने छह कथित फर्जी लोन ऐप्स को हटाने के लिए गूगल को निर्देश दिया था। इनमें Loan Orbit, Hisaab, Nexx Loan, One Fund, Credit Factor और Mobile Credid शामिल थे।

इस तरह अगस्त में अब तक कुल 9 कथित फर्जी लोन ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

फर्जी लोन ऐप्स लोगों को कैसे फंसाते हैं?

ऐसे ऐप्स सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन दिखाते हैं। इनमें बिना दस्तावेज, बिना CIBIL स्कोर और कुछ ही मिनटों में बड़ी रकम का लोन देने का दावा किया जाता है।

जरूरतमंद लोग इन विज्ञापनों पर भरोसा करके ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद ऐप अनावश्यक परमिशन मांग सकता है और लोन की रकम लौटाते समय भारी ब्याज या अतिरिक्त शुल्क की मांग की जा सकती है।

फर्जी लोन ऐप की पहचान कैसे करें?

1. RBI से जुड़ी जानकारी जांचें

किसी भी लोन ऐप से पैसे लेने से पहले देखें कि वह किस बैंक या NBFC से जुड़ा है। केवल ऐप के नाम या विज्ञापन पर भरोसा न करें।

2. RBI की वेबसाइट पर करें वेरिफिकेशन

जिस बैंक या NBFC के साथ ऐप के जुड़े होने का दावा किया जा रहा है, उसकी जानकारी RBI के आधिकारिक रिकॉर्ड से जांचें। कंपनी का पता, फोन नंबर और ईमेल जैसी जानकारी भी देखें।

3. जरूरत से ज्यादा परमिशन से सावधान रहें

अगर कोई लोन ऐप कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी या दूसरे निजी डेटा की अनावश्यक अनुमति मांग रहा है, तो सावधान हो जाएं।

4. लोन से पहले पैसे मांगना खतरे का संकेत

अगर कोई ऐप लोन देने से पहले प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज या किसी अन्य नाम पर पैसे मांगता है, तो पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।

5. APK या अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें

WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया से मिले किसी अनजान लिंक अथवा APK फाइल के जरिए लोन ऐप इंस्टॉल न करें। ऐप को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।

फर्जी ऐप के साथ धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?

अगर किसी फर्जी लोन ऐप के जरिए आपके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है, तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।

साथ ही संदिग्ध ऐप को फोन से हटाने और संबंधित बैंक/वित्तीय संस्था को तुरंत जानकारी देने जैसे कदम भी उठाएं।

सरकार ने फर्जी वेबसाइट्स पर भी की कार्रवाई

सरकार की कार्रवाई सिर्फ लोन ऐप्स तक सीमित नहीं है। इसी महीने कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल हो रही 57 फर्जी वेबसाइट्स और डेटाबेस को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने के लिए साइबर धोखाधड़ी करने का आरोप था।

जरूरी सलाह

किसी भी अनजान लोन ऐप को कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, कैमरा या दूसरे निजी डेटा की अनावश्यक अनुमति न दें। लोन लेने से पहले संबंधित बैंक या NBFC और उसके डिजिटल लेंडिंग ऐप की विश्वसनीयता जरूर जांचें।

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