दुर्ग: पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर मंगलवार 25 अगस्त को विद्यार्थियों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा।
400 छात्रों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में करीब 400 छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन उनके लिए वर्तमान में सिर्फ 3 शिक्षक उपलब्ध हैं। शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं और पाठ्यक्रम पूरा करने में भी दिक्कत हो रही है।
खास तौर पर आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थियों ने पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित होने की बात कही।
21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
छात्रों के मुताबिक, शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर 21 अगस्त को भी प्रदर्शन किया गया था। उस समय अधिकारियों ने जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था।
लेकिन जब स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं पहुंचे तो विद्यार्थियों ने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाया और मंगलवार को मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया।
अधिकारियों की समझाइश नहीं आई काम
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही SDOP, तहसीलदार, SDM और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत की और प्रदर्शन खत्म करने की अपील की।
हालांकि, छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा और स्कूल में तत्काल पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
शिक्षा मंत्री से बातचीत के बाद रात 12 बजे खत्म हुआ प्रदर्शन
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद विद्यार्थियों की स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत कराई गई। मंत्री की ओर से शिक्षकों की कमी दूर करने का भरोसा मिलने के बाद छात्रों ने करीब रात 12 बजे चक्काजाम समाप्त कर दिया।
4 नए शिक्षक भेजे गए
प्रदर्शन के बाद स्कूल में 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे शिक्षकों की संख्या 3 से बढ़कर 7 हो गई है।
इसके अलावा स्कूल में नए प्राचार्य की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है। कॉमर्स विषय के लिए एक और अतिरिक्त शिक्षक जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
छात्रों की मांग अभी भी पूरी नहीं हुई
विद्यार्थियों ने स्कूल में कुल 17 शिक्षकों की व्यवस्था की मांग रखी है। छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य विरोध करना नहीं, बल्कि सभी विषयों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित कराना है।
फिलहाल मंत्री के आश्वासन और शुरुआती स्तर पर शिक्षकों की संख्या बढ़ाए जाने के बाद आंदोलन खत्म हो गया है। अब विद्यार्थियों को उम्मीद है कि जल्द ही स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होंगे और पढ़ाई दोबारा व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सकेगी।