कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी भी चर्चा में है। अब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर इस विज्ञापन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बार उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति सिर्फ कृति सेनन के पहनावे को लेकर नहीं है, बल्कि विज्ञापन में त्योहार की सांस्कृतिक भावना को पर्याप्त जगह नहीं मिलने पर है।
‘ब्रालेट सिर्फ छोटी सी बात थी’
‘डिकोड लाइव’ से बातचीत में कंगना ने कहा कि विज्ञापन में कृति का ब्रालेट पहनना उनके लिए मुख्य मुद्दा नहीं है। उनके मुताबिक असली सवाल यह है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार की पारंपरिक और सांस्कृतिक भावना विज्ञापन में नजर नहीं आती।
कंगना ने कहा कि महिलाओं को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की पूरी आजादी है। उनके मुताबिक रक्षाबंधन पर भी कोई महिला अपनी पसंद का पहनावा चुन सकती है और इस पर सवाल उठाना जरूरी नहीं है।
‘विज्ञापन में त्योहार का माहौल कहां है?’
कंगना ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि रक्षाबंधन से जुड़े विज्ञापन में घर-परिवार और त्योहार की पारंपरिक झलक दिखाई देनी चाहिए थी। उन्होंने माता-पिता, घर के माहौल और पूजा से जुड़ी चीजों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि विज्ञापन में त्योहार की पारंपरिक अनुभूति क्यों नहीं दिखाई गई।
उनका कहना था कि हलवा-पूरी, भगवान, तिलक, अक्षत, अगरबत्ती या दीये जैसी चीजों के जरिए भी रक्षाबंधन के पारिवारिक माहौल को दर्शाया जा सकता था।
पहले भी कृति के आउटफिट पर साधा था निशाना
विज्ञापन सामने आने के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर भी कृति के लुक को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि आज महिलाओं के पास पहनावे के इतने विकल्प मौजूद हैं, फिर रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक मौके पर ऐसा आउटफिट क्यों चुना गया।
कंगना की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई थी। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे अभिनेत्री की व्यक्तिगत पसंद और कपड़ों को लेकर अनावश्यक टिप्पणी बताया।
क्या है कृति सेनन के विज्ञापन का विवाद?
दरअसल, एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन कैंपेन में कृति सेनन ऑफ-व्हाइट आउटफिट में नजर आई थीं। उनके लुक में ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल था।
विज्ञापन रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर कृति के पहनावे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके लुक को मॉडर्न और फैशनेबल बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने पारंपरिक त्योहार से जुड़े विज्ञापन में इस तरह की स्टाइलिंग को अनुपयुक्त माना।
इस विवाद के बीच कंगना ने अब एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उनके लिए मुद्दा केवल कपड़े नहीं, बल्कि विज्ञापन में रक्षाबंधन की सांस्कृतिक और पारिवारिक भावना का नजर न आना है।