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नेपाल के रसुवा और सीमावर्ती क्षेत्रों में भोटेकोशी नदी के उफान और जलप्रलय के कारण मची भारी तबाही को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। आपदा में फंसे उत्तर प्रदेश के निवासियों की सुरक्षित वापसी और उनके परिवारों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय आपातकालीन हेल्पलाइन 1070 को सक्रिय कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में फंसे किसी भी नागरिक के परिजन इस नंबर पर सीधे संपर्क कर सहायता मांग सकते हैं। दूतावासों से सीधा संपर्क, त्वरित जानकारी जुटाने पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने भारतीय और नेपाल दोनों दूतावासों के साथ औपचारिक संपर्क स्थापित कर लिया है। दोनों दूतावासों से आग्रह किया गया है कि जैसे ही नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों का कोई विवरण प्राप्त हो, उसे तत्काल राज्य राहत आयुक्त कार्यालय के साथ साझा किया जाए। इस समन्वय के जरिए प्रभावित नागरिकों तक सीधे आवश्यक खाद्य सामग्री, दवाएं और बचाव सहायता पहुंचाई जा सकेगी। हेल्पलाइन 1070 पर सूचना देने की अपील प्रदेश सरकार और राहत आयुक्त कार्यालय ने आम नागरिकों से विशेष अपील की है कि यदि उनका कोई परिजन या परिचित नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसा हुआ है या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो वे बिना किसी देरी के राज्य आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 पर पूरी जानकारी दर्ज कराएं। प्राप्त जानकारी के आधार पर स्थानीय प्रशासन और दूतावास के जरिए तत्काल राहत एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। महाराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट मोड पर नेपाल की भोटेकोशी और अन्य पहाड़ी नदियों में आए भारी उफान का असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती मैदानी इलाकों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस प्रशासन को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी नेपाल में हुए भारी नुकसान पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की टीमों को तटबंधों की निगरानी और जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने को कहा गया है, जिससे सीमावर्ती बस्तियों को किसी भी संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने नेपाल में आई आपदा से प्रभावित सभी लोगों के सकुशल रहने की प्रार्थना भी की है।

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लखनऊ: पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश, बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन नागरिकों की मदद के लिए आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी है, जो नेपाल के प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य स्तरीय आपदा हेल्पलाइन 1070 को सक्रिय किया गया है।

राहत आयुक्त कार्यालय ने भारतीय और नेपाली दूतावासों से संपर्क स्थापित कर समन्वय शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की जानकारी जुटाना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करना है।

फंसे लोगों के परिजन 1070 पर दें सूचना

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपील की है कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यदि किसी का परिजन या परिचित फंसा हुआ है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो तत्काल 1070 पर जानकारी दर्ज कराएं।

मिली जानकारी को संबंधित प्रशासन और दूतावास के साथ साझा किया जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके।

दोनों देशों के दूतावासों से सीधा संपर्क

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राहत आयुक्त कार्यालय ने भारतीय और नेपाली दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित किया है। नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के नागरिकों से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर उसे राज्य राहत आयुक्त कार्यालय तक पहुंचाने का आग्रह किया गया है।

इसके जरिए जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने के साथ उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जाएंगे।

महाराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन सतर्क

नेपाल में भोटेकोशी समेत पहाड़ी नदियों के उफान को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है। महाराजगंज और कुशीनगर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के अधिकारियों को संभावित बाढ़ के मद्देनजर जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

गंडक-नारायणी के जलस्तर पर नजर

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के असर को देखते हुए गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

सिंचाई और जल संसाधन विभाग की टीमों को तटबंधों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। प्रशासन का फोकस सीमावर्ती बस्तियों को संभावित बाढ़ के खतरे से बचाने पर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में आपदा से प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सकुशलता की कामना की है।

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