गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के वकील दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री उर्फ मामा को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे मंगलवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा। बुधवार को आरोपी को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, दीपक की गिरफ्तारी शाहबाज अंसारी-सलीम पिस्टल से जुड़े कथित इंटरनेशनल हथियार तस्करी सिंडिकेट और आतंकी मॉड्यूल की जांच के तहत की गई है। इस मामले में UAPA यानी गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई चल रही है। पुलिस के अनुसार, इससे पहले मामले में 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
गीता कॉलोनी से हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल भी गिरफ्तार
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने गीता कॉलोनी निवासी हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि वह साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गैंग का करीबी ऑपरेटिव रहा है।
पुलिस के मुताबिक, रूबल धमकी भरे एक्सटॉर्शन कॉल के निशाने पर रहने वाले सट्टा कारोबारियों से पैसों के सेटलमेंट में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। जांच में यह भी सामने आया कि वह दीपक उर्फ मामा के साथ खुद को सेटलमेंट फैसिलिटेटर के तौर पर पेश करता था।
पुलिस का आरोप है कि दोनों ने सट्टा ऑपरेटर सन्नी फरीदाबाद और गैंगस्टर रोहित गोदारा के बीच कथित विवाद में भी समझौता कराने में भूमिका निभाई थी।
गैंगस्टर्स तक पैसा पहुंचाने में मध्यस्थ की भूमिका का आरोप
क्राइम ब्रांच के अनुसार, रूबल ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा हुआ था और विदेश में मौजूद गैंगस्टर्स के निशाने पर रहने वाले बुकियों और सट्टा ऑपरेटर्स के संपर्क में था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि रूबल और दीपक मध्यस्थ के तौर पर काम करते थे। कथित समझौते के बाद जुटाए गए पैसों को गैंगस्टर्स तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, दोनों पर लॉरेंस बिश्नोई के अलावा विदेश में मौजूद रोहित गोदारा और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के गैंगस्टर राशिद केवलवाला के लिए भी बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
2023 में लॉरेंस-गोदारा सिंडिकेट से जुड़े लोगों के संपर्क में आया रूबल
जांच के मुताबिक, रूबल साल 2023 में लॉरेंस-गोदारा सिंडिकेट के करीबी बताए जा रहे राशिद केवलवाला के संपर्क में आया था। पुलिस का दावा है कि वह केवलवाला से मुलाकात के लिए विदेश भी गया था।
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में दीपक और रूबल की भूमिका कितनी व्यापक थी और इनके जरिए किन-किन लोगों तक पैसों या अन्य संसाधनों की पहुंच हुई।
कश्मीरी गेट के पास दीपक पर हुई थी फायरिंग
दीपक खत्री पहले भी हमले का शिकार हो चुका है। पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी की रात कश्मीरी गेट के यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर से बाहर निकलने के बाद बाइक सवार बदमाशों ने उस पर फायरिंग की थी।
पुलिस ने उस समय आशंका जताई थी कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी-गोदारा गुटों के बीच कथित गैंगवार के चलते दीपक को निशाना बनाया गया। हमले के बाद दीपक ने पुलिस सुरक्षा की मांग भी की थी।
दीपक के खिलाफ जारी था लुक आउट सर्कुलर
क्राइम ब्रांच ने दीपक उर्फ मामा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LoC) भी जारी कराया था। इसी के आधार पर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया।
गिरफ्तारी के बाद उसे एसीपी संजय नागपाल, इंस्पेक्टर मान सिंह और जांच टीम के अन्य अधिकारियों ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। अदालत ने पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है।
शाहबाज अंसारी के मॉड्यूल से जुड़ने का पुलिस का दावा
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पूछताछ में दीपक ने कथित तौर पर बताया कि वह पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी रूबल और निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी के जरिए शाहबाज अंसारी से जुड़े कथित टेरर मॉड्यूल के संपर्क में आया था।
पुलिस का कहना है कि दीपक ने जांच में सहयोग करने और कुछ अन्य आरोपियों तक पहुंचने में मदद करने की बात भी कही है। फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क में उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से उसके संपर्क की जांच कर रही है।