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नया फोन लेने के बाद UPI-बैंकिंग में न करें ये गलती: SIM से लेकर ऐप्स तक चेक करें, पुराना मोबाइल देने से पहले ऐसे रखें पैसा सुरक्षित

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Mobile Banking Safety: आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल, फोटो और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। बैंकिंग ऐप्स और UPI के जरिए रोजाना होने वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण फोन बदलते समय वित्तीय सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी हो गया है। नया फोन लेने के बाद कुछ बैंकिंग ऐप्स दोबारा वेरिफिकेशन मांग सकते हैं और UPI को भी नए डिवाइस पर एक्टिवेट करना पड़ सकता है।

अगर इन जरूरी सेटिंग्स को नजरअंदाज किया जाए तो UPI भुगतान में परेशानी आ सकती है या बैंकिंग ऐप के जरूरी अलर्ट मिलना बंद हो सकते हैं। इसलिए नया फोन इस्तेमाल करने से पहले इन बातों को जरूर जांच लें।

बैंक से लिंक SIM नए फोन में लगाना जरूरी

UPI इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात है कि नए फोन में वही SIM लगी हो, जो बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जुड़ी है।

BHIM, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर और SIM के जरिए वेरिफिकेशन कर सकते हैं। इसलिए SIM को नए फोन में लगाने के बाद यह सुनिश्चित करें कि उससे SMS भेजने और प्राप्त करने की सुविधा सही तरीके से काम कर रही है।

UPI एक्टिव होने के बाद ऐप में जाकर यह भी चेक करें कि आपके सभी लिंक किए गए बैंक खाते दिखाई दे रहे हैं या नहीं। किसी जरूरी भुगतान से पहले छोटा ट्रांजैक्शन करके UPI की कार्यक्षमता जांच लेना भी बेहतर विकल्प है।

बैंकिंग ऐप में दोबारा लॉगिन और वेरिफिकेशन

नया स्मार्टफोन बैंकिंग ऐप के लिए एक नए डिवाइस की तरह काम कर सकता है। ऐसे में बैंकिंग ऐप में दोबारा लॉगिन करने के साथ पहचान सत्यापन भी करना पड़ सकता है।

अगर आप बैंकिंग ऐप में फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करते हैं, तो नए फोन में इन सिक्योरिटी फीचर्स को फिर से सेट करें।

इसके अलावा बैंकिंग ऐप की नोटिफिकेशन सेटिंग भी जरूर जांचें। ट्रांजैक्शन अलर्ट, लॉगिन अलर्ट और खाते से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन चालू रहने चाहिए। इससे खाते में होने वाली किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर मिल सकती है।

पुराना फोन किसी को देने से पहले ये काम जरूर करें

अगर पुराना स्मार्टफोन बेच रहे हैं या किसी दूसरे व्यक्ति को दे रहे हैं, तो केवल बैंकिंग ऐप को डिलीट कर देना पर्याप्त नहीं है।

फोन देने से पहले:

  • जरूरी डेटा का बैकअप लें।
  • बैंकिंग और UPI ऐप्स से लॉगआउट करें।
  • सेव किए गए पासवर्ड और संवेदनशील जानकारी हटाएं।
  • Google/Apple अकाउंट समेत जरूरी अकाउंट्स को डिवाइस से हटाएं।
  • स्क्रीन लॉक और अन्य निजी जानकारी की जांच करें।
  • अंत में फोन को फैक्ट्री रीसेट करें।

इससे पुराने डिवाइस में मौजूद निजी और वित्तीय जानकारी के किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने का जोखिम कम किया जा सकता है।

पुराना फोन तुरंत न करें रिसेट

अगर नया फोन सेटअप करते समय आपने सभी ऐप्स और बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह ट्रांसफर नहीं किया है, तो पुराने फोन को तुरंत फैक्ट्री रीसेट करने से बचें।

कुछ दिनों तक पुराने फोन को अपने पास रखने से फायदा हो सकता है। अगर पुराने SMS की जरूरत पड़ जाए, किसी ऐप का सेटअप अधूरा रह जाए या किसी अकाउंट की पहुंच दोबारा हासिल करनी पड़े, तो पुराना फोन मददगार साबित हो सकता है।

नए फोन में इन 5 चीजों की जरूर करें जांच

फोन बदलने के बाद कुछ मिनट निकालकर इन चीजों को चेक करना बेहतर है:

1. SIM: बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर वाली SIM नए फोन में है या नहीं।

2. UPI: सभी बैंक खाते दिखाई दे रहे हैं और भुगतान सही तरीके से हो रहा है या नहीं।

3. बैंकिंग ऐप: लॉगिन, डिवाइस वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक सिक्योरिटी सेट है या नहीं।

4. नोटिफिकेशन: ट्रांजैक्शन और लॉगिन अलर्ट चालू हैं या नहीं।

5. पुराना फोन: जरूरी बैकअप के बाद अकाउंट हटाकर फैक्ट्री रीसेट किया गया है या नहीं।

फोन बदलते समय इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप UPI और मोबाइल बैंकिंग को नए डिवाइस पर सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर पुराना फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले उसमें मौजूद बैंकिंग और निजी जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित करना बेहद जरूरी है।

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