सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में सेल ऑफर्स के डिजिटल साइनिंग हेतु एक नए मॉड्यूल का शुभारंभ किया गया। कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), श्री ए. के. चक्रवर्ती ने 31 अगस्त 2026 को इस्पात भवन में इस डिजिटल साइनिंग मॉड्यूल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (सामग्री प्रबंधन एवं विपणन), श्री अयान मिश्रा, महाप्रबंधक (विपणन), श्रीमती चैताली दास, सहित विपणन एवं सी एंड आईटी विभाग के अन्य वरिष्ठ कार्यपालक उपस्थित थे।
कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), श्री ए. के. चक्रवर्ती ने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विपणन एवं सी एंड आईटी टीम को बधाई दी। उन्होंने ग्राहक अनुभव को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस प्रकार की और अधिक डिजिटल पहलों की संभावनाएं तलाशने की सलाह दी।
वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत एम एंड बीपी विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले सेल ऑफर्स पर मैनुअल हस्ताक्षर किए जाते हैं। इसके पश्चात मेसर्स मेटल जंक्शन (एमजंक्शन) द्वारा भौतिक सेल ऑफर्स विभाग से प्राप्त कर उस पर मैनुअल हस्ताक्षर करवाए जाते हैं तथा हस्ताक्षरित सेल ऑफर्स की सकैंड प्रतियां ग्राहकों को प्रेषित की जाती हैं।
ग्राहक संतुष्टि में वृद्धि तथा कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, त्वरित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से विपणन एवं व्यवसाय नियोजन विभाग द्वारा सी एंड आईटी विभाग के समन्वय से सेल ऑफर्स के डिजिटल साइनिंग के लिए यह नई पहल विकसित की गई है। इस नए मॉड्यूल के कार्यान्वयन के पश्चात अधिकृत विपणन कार्यपालकों के डिजिटल सिग्नेचर युक्त सेल ऑफर्स सीधे ग्राहकों एवं एमजंक्शन को ई-मेल के माध्यम से प्रेषित किए जा सकेंगे।
इस मॉड्यूल के विकास में महाप्रबंधक (विपणन), श्रीमती शुभा बंछोर, उप प्रबंधक (विपणन), श्री शैलेश दुबे, तथा उप महाप्रबंधक (सी एंड आईटी), श्रीमती चंद्रकली साहू एवं श्रीमती दीपमाला का प्रत्यक्ष एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर श्रीमती शुभा बंछोर ने डिजिटल साइनिंग मॉड्यूल की कार्यप्रणाली एवं इसके प्रमुख लाभों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति भी दी।
यह पहल भिलाई इस्पात संयंत्र में पेपर-लेस कार्यप्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित एवं छेड़छाड़-रहित दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सीधे ग्राहकों एवं एमजंक्शन के साथ साझा किया जा सकेगा। इससे न केवल दस्तावेजों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया अधिक त्वरित एवं सुविधाजनक होगी, बल्कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता कम करते हुए कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।