किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का अभिवादन किया, हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए बातचीत करते नजर आए। इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी कुछ दूरी पर मौजूद थे, लेकिन उनका ध्यान इस मुलाकात पर ही नजर आया।
ग्रुप फोटो के बाद आमने-सामने आए मोदी और शी
SCO समिट में शामिल होने पहुंचे राष्ट्राध्यक्षों ने पहले सामूहिक तस्वीर के लिए एक साथ मंच साझा किया। ग्रुप फोटो के बाद जब नेता वहां से आगे बढ़ रहे थे, उसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने आ गए।
दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हालचाल जाना। इसके बाद दोनों कुछ दूरी तक साथ चलते हुए बातचीत करते भी दिखाई दिए। इस मुलाकात के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया।
पास खड़े थे शहबाज शरीफ
मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी पास ही मौजूद थे। वीडियो में वह हाथ बांधे खड़े नजर आते हैं और दोनों नेताओं के बीच हो रही बातचीत को देखते दिखाई देते हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत जारी रही। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स इस पूरे घटनाक्रम को भारत-पाकिस्तान के मौजूदा कूटनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
मोदी-शी की मुलाकात क्यों अहम?
भारत और चीन के संबंधों में सीमा विवाद और रणनीतिक मतभेद लंबे समय से अहम मुद्दे रहे हैं। ऐसे में किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं का सहज अंदाज में मिलना और बातचीत करना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, केवल हाथ मिलाने या संक्षिप्त बातचीत से दोनों देशों के रिश्तों में किसी बड़े बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन इस तरह की मुलाकात यह जरूर दिखाती है कि भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय संवाद के रास्ते खुले हुए हैं।
SCO में भारत की सक्रिय भूमिका
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आर्थिक सहयोग और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा हो रही है।
SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत की सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है।