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लियोनेल मेसी का इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास: भावुक पोस्ट में लिखा- फैसला लेना बेहद दर्दनाक था, अब देने को कुछ नहीं बचा

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दुनिया के दिग्गज फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। 39 वर्षीय अर्जेंटीनी स्टार ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने हाथ से लिखे एक नोट की तस्वीर शेयर करते हुए बताया कि राष्ट्रीय टीम के साथ उनका सफर अब समाप्त हो गया है।

मेसी के मुताबिक, वर्ल्ड कप फाइनल के दो दिन बाद यानी 21 जुलाई को ही उन्होंने संन्यास लेने का फैसला कर लिया था। उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला वर्ल्ड कप फाइनल रहा, जिसमें अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

पिता के निधन के बाद लिया बड़ा फैसला

मेसी ने बताया कि उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद उन्हें लगा कि अब अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ अपने करियर को विराम देने का वक्त आ गया है। जॉर्ज मेसी का 8 अगस्त को सेंट्रल अर्जेंटीना के रोसारियो शहर के एक अस्पताल में निधन हुआ था। वह 68 वर्ष के थे।

मेसी ने अपने संदेश में लिखा कि संन्यास का फैसला उनके लिए बेहद तकलीफदेह रहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी पहनकर हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और हमेशा देश के लोगों को गर्व महसूस कराने का प्रयास किया।

‘मैंने अपना सब कुछ दे दिया’

मेसी ने अपने भावुक संदेश में कहा कि राष्ट्रीय टीम के लिए उन्होंने केवल हाल के सफल वर्षों में ही नहीं, बल्कि उससे काफी पहले से लगातार अपना सब कुछ झोंका है।

उन्होंने कहा कि समय हमेशा आगे बढ़ता है और हर कहानी का एक अंत होता है। राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना उनके लिए हमेशा खास रहा और आगे भी रहेगा, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनके पास टीम को देने के लिए कुछ बाकी नहीं है।

मेसी ने अर्जेंटीना की टीम में आने वाले युवा खिलाड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी तैयार हैं और वे राष्ट्रीय टीम में जगह पाने के हकदार हैं।

पिता की मौत के बाद खेलने को लेकर जताया था संदेह

अपने पिता के निधन के बाद मेसी ने एक अन्य पोस्ट में भी संकेत दिया था कि वह शायद लंबे समय तक अर्जेंटीना के लिए नहीं खेल पाएंगे।

स्पेन के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल को याद करते हुए उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का भी जिक्र किया। मेसी ने बताया कि उन्होंने अपनी शारीरिक क्षमता की सीमा से आगे जाकर खेलने की कोशिश की, लेकिन इस बार उनका शरीर पूरी तरह साथ नहीं दे पाया।

फैंस और टीम के साथियों को कहा धन्यवाद

मेसी ने अर्जेंटीना के प्रशंसकों के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब दो दशकों में जिस तरह का प्यार और समर्थन उन्हें मिला, उसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे।

उन्होंने कहा कि मैदान से फैंस की आवाज सुनना उन्हें हमेशा याद आएगा। अब वह टीम के साथ मैदान पर नहीं, बल्कि बाहर से उसका समर्थन करते नजर आएंगे—चाहे परिस्थितियां अच्छी हों या खराब।

मेसी ने अपने परिवार के अलावा राष्ट्रीय टीम के सभी कोच, साथी खिलाड़ियों और अधिकारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन बेहद खूबसूरत रहा और वह अपने साथ जिंदगीभर याद रहने वाले कई पल लेकर जा रहे हैं।

2022 में अर्जेंटीना को दिलाया था वर्ल्ड कप

लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 2005 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह देश के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले और सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं। वह अर्जेंटीना की ओर से छह वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके हैं।

मेसी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2022 का कतर वर्ल्ड कप शामिल है। उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने फाइनल में जीत हासिल कर 36 साल बाद विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की थी।

इससे पहले 2021 में मेसी ने अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका का खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। इस जीत के साथ अर्जेंटीना का करीब 28 साल से चला आ रहा बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब का इंतजार खत्म हुआ था।

इंटरनेशनल करियर के बाद क्लब फुटबॉल जारी

राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने के बावजूद मेसी का क्लब फुटबॉल करियर जारी है। वह अमेरिका के इंटर मियामी क्लब के लिए खेलते हैं।

मेसी के इंटरनेशनल फुटबॉल से विदाई के साथ अर्जेंटीना के एक ऐतिहासिक दौर का भी अंत माना जा रहा है। उन्होंने देश के लिए लंबे समय तक खेलते हुए कई रिकॉर्ड बनाए और अर्जेंटीना को लंबे इंतजार के बाद सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफियां दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

 

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