Apple CEO Change: टेक दिग्गज Apple में 1 सितंबर 2026 से बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। कंपनी के सीनियर हार्डवेयर एग्जीक्यूटिव जॉन टर्नस नए CEO के तौर पर टिम कुक की जगह लेंगे। कुक करीब 15 साल तक Apple के CEO रहने के बाद अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे।
टिम कुक ने साल 2011 में स्टीव जॉब्स के बाद Apple की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में कंपनी ने कारोबार और बाजार मूल्य के मामले में बड़ी छलांग लगाई। वहीं नए CEO के सामने कंपनी के प्रोडक्ट इनोवेशन और टेक्नोलॉजी लीडरशिप को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
Apple का अगला बड़ा लॉन्च इवेंट 9 सितंबर को होने वाला है। इस दौरान नए iPhone Pro मॉडल्स के साथ कंपनी पहली बार फोल्डेबल iPhone भी पेश कर सकती है।
कुक के नेतृत्व में Apple ने हासिल की बड़ी ग्रोथ
टिम कुक साल 1998 में Apple से जुड़े थे और 2011 में CEO बने। उनके नेतृत्व में कंपनी का मार्केट कैप करीब 350 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी कुक के कार्यकाल में तेजी से बढ़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, Apple का रेवेन्यू करीब 108 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 416 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया।
25 साल से Apple का हिस्सा हैं जॉन टर्नस
जॉन टर्नस ने साल 2001 में Apple जॉइन किया था। शुरुआत में वे कंपनी की प्रोडक्ट डिजाइन टीम का हिस्सा थे। इस दौरान उन्हें स्टीव जॉब्स के साथ काम करने का भी मौका मिला।
Apple से पहले टर्नस ‘वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स’ में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। साल 2013 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग का वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया और 2021 में वे सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने।
अपने Apple करियर के दौरान टर्नस ने iPad, AirPods, iPhone, Apple Watch और MacBook Neo समेत कई प्रमुख डिवाइसेज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
51 वर्षीय टर्नस लगभग उसी उम्र में Apple CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिस उम्र में टिम कुक ने कंपनी की कमान संभाली थी। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
टर्नस ने CEO बनने पर Apple के मिशन को आगे बढ़ाने का मौका मिलने पर आभार जताया। उन्होंने अपने करियर के दौरान स्टीव जॉब्स से सीखने और टिम कुक को मेंटर के तौर पर पाने को अपने लिए महत्वपूर्ण अनुभव बताया।
कुक ने टर्नस को बताया विजनरी लीडर
टिम कुक ने जॉन टर्नस की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास इंजीनियर की सोच, आविष्कारक की भावना और ईमानदारी के साथ नेतृत्व करने की क्षमता है।
कुक के मुताबिक, पिछले 25 वर्षों में Apple के लिए टर्नस का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है और उनके अनुभव से कंपनी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
आर्थर लेविंसन की भी बदलेगी भूमिका
Apple के बोर्ड में भी 1 सितंबर से बदलाव होगा। पिछले 15 वर्षों से कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रहे आर्थर लेविंसन अब लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे।
इसी दिन जॉन टर्नस Apple के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल होंगे। लेविंसन ने टर्नस के तकनीकी अनुभव और बेहतरीन प्रोडक्ट तैयार करने की क्षमता पर भरोसा जताया है।
पर्यावरण और प्राइवेसी पर भी रहेगा फोकस
टिम कुक के कार्यकाल में Apple ने पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों पर भी काम किया। कंपनी ने अपना कार्बन फुटप्रिंट करीब 60% तक कम किया है।
जॉन टर्नस ने भी सस्टेनेबिलिटी से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा दिया है। उनके कार्यकाल में रिसाइकल्ड एल्युमीनियम और 3D प्रिंटेड टाइटेनियम जैसी सामग्रियों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। इसके अलावा प्रोडक्ट की मजबूती और रिपेयरेबिलिटी बेहतर करने वाली तकनीकों पर भी काम हुआ।
Apple के 50 साल के सफर में 7 CEO
Apple के करीब पांच दशक के इतिहास में अब तक सात प्रमुख CEO रह चुके हैं:
- माइकल स्कॉट (1977-1981): Apple के शुरुआती CEO और कंपनी के शुरुआती दौर के प्रमुख अधिकारियों में शामिल।
- माइक मार्ककुला (1981-1983): Apple के शुरुआती निवेशक और चेयरमैन रहे।
- जॉन स्कली (1983-1993): Apple में आने से पहले PepsiCo के प्रेसिडेंट थे।
- माइकल स्पिंडलर (1993-1996): CEO बनने से पहले Apple International के प्रेसिडेंट रहे।
- गिल एमेलियो (1996-1997): Apple से पहले National Semiconductor के CEO थे।
- स्टीव जॉब्स (1997-2011): Apple के सह-संस्थापक और कंपनी के सबसे प्रभावशाली CEO में से एक।
- टिम कुक (2011-2026): 1998 में Apple से जुड़े और 2011 में CEO बने।
Apple से जुड़े 3 बड़े आंकड़े
- Apple की मौजूदगी दुनिया के 200 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में है।
- कंपनी के दुनिया भर में 500 से अधिक रिटेल स्टोर्स हैं।
- दुनियाभर में 2.5 बिलियन से ज्यादा Apple डिवाइस एक्टिव हैं।
नॉलेज पार्ट: CEO और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन में क्या अंतर?
एग्जीक्यूटिव चेयरमैन: यह बोर्ड के साथ-साथ कंपनी की रणनीति और महत्वपूर्ण फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। वहीं CEO कंपनी के रोजाना के ऑपरेशनल कामकाज और बिजनेस को लीड करता है।
लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर: बोर्ड में यह भूमिका स्वतंत्र निदेशकों के नेतृत्व और बोर्ड तथा कंपनी के मैनेजमेंट के बीच संतुलन बनाए रखने से जुड़ी होती है।