रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवक पर 17 वर्षीय नाबालिग को शादी का वादा कर बहला-फुसलाकर घर से ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी और नाबालिग की पहचान Instagram के जरिए हुई थी। दोनों के बीच काफी समय तक सोशल मीडिया पर बातचीत होती रही।
आरोप है कि युवक नाबालिग को रायगढ़ से बिहार ले गया, जहां दोनों करीब 6 से 7 महीने तक रहे। इसके बाद वे ओडिशा गए और बाद में सारंगढ़ क्षेत्र में आकर रहने लगे। इसी दौरान शादी का भरोसा देकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किए जाने की बात सामने आई है।
शिकायत और जांच के बाद चक्रधरनगर थाना पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
25 जनवरी को घर से चली गई थी नाबालिग
पुलिस के अनुसार, नाबालिग के पिता ने 17 मार्च 2025 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 25 जनवरी 2025 की दोपहर बिना बताए घर से चली गई थी।
परिवार और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और नाबालिग की तलाश शुरू की।
Instagram के जरिए हुई थी युवक से पहचान
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग की पहचान Instagram के जरिए दिलेश्वर चौहान से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक सोशल मीडिया मैसेज के जरिए बातचीत चलती रही।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए नाबालिग को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आरोपी के पास से बरामद किया।
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 25 जनवरी को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पहुंची, जहां आरोपी मिला। आरोप है कि युवक ने शादी करने का भरोसा देकर उसे अपने साथ ले लिया।
बिहार के गया में कई महीने साथ रहे
पुलिस के मुताबिक आरोपी नाबालिग को बस के जरिए बिहार के गया ले गया। वहां आरोपी के माता-पिता ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। दोनों करीब 6-7 महीने तक बिहार में रहे।
इसके बाद वे वापस सारंगढ़ क्षेत्र में आ गए और साथ रहने लगे। कुछ समय बाद आरोपी मजदूरी करने ओडिशा चला गया और नाबालिग भी उसके साथ वहां रहने लगी।
बाद में दोनों आरोपी के सारंगढ़ स्थित गांव लौट आए। नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि इस दौरान युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
BNS और POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 87 और 65(1) BNS के साथ POCSO Act की धारा 6 के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच कर रही है।