रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर फाइटर्स भर्ती 2026 के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब जिस जिले में बस्तर फाइटर्स के पदों पर भर्ती होगी, आवेदन करने वाला अभ्यर्थी उसी जिले का स्थानीय निवासी होना जरूरी होगा। यानी पहले की तरह पूरे बस्तर संभाग के युवा किसी भी जिले की भर्ती में आवेदन नहीं कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में जुलाई में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में भर्ती नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इससे पहले बस्तर फाइटर्स की भर्ती में पूरे बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं को शामिल होने का अवसर मिलता था।
राज्य के गृह (पुलिस) विभाग ने अब छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 जारी कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर देना है।
बस्तर संभाग के सभी जिलों में होगा बल का विस्तार
नए नियमों के तहत बस्तर फाइटर्स बल का विस्तार बस्तर संभाग के सभी जिलों में किया जाएगा। स्थानीय युवाओं की भर्ती से क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय स्तर की जानकारी रखने वाले युवाओं को सुरक्षा बल में शामिल करने पर जोर दिया गया है।
18 से 28 साल होगी उम्र सीमा
बस्तर फाइटर्स में भर्ती के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना भर्ती विज्ञापन जारी होने वाले वर्ष की 1 जनवरी को आधार मानकर की जाएगी।
अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
अब संबंधित जिले का निवासी होना जरूरी
भर्ती नियमों में सबसे बड़ा बदलाव स्थानीय निवास को लेकर किया गया है। अब अभ्यर्थी को उसी जिले का निवासी होना अनिवार्य होगा, जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है।
स्थानीय निवासी होने के प्रमाण के लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी निवास प्रमाण पत्र मान्य होगा। इससे जिलेवार स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
महिलाओं के लिए 30% पद आरक्षित
सरकार ने बस्तर की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रावधान किया है। सीधी भर्ती के कुल पदों में से 30 प्रतिशत पद छत्तीसगढ़ की स्थानीय महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।
महिला उम्मीदवारों के लिए छाती की माप से जुड़ी शारीरिक योग्यता अनिवार्य नहीं होगी। हालांकि न्यूनतम ऊंचाई का प्रावधान लागू रहेगा।
- अनारक्षित, SC और OBC महिलाओं के लिए न्यूनतम ऊंचाई: 153 सेमी
- ST महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई: 148 सेमी
शैक्षणिक योग्यता में भी विशेष प्रावधान
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए छत्तीसगढ़ या मध्य प्रदेश के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से 10वीं कक्षा पास होना जरूरी होगा।
वहीं, ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5वीं कक्षा पास होने पर भी पात्रता का प्रावधान रखा गया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सल पीड़ित परिवारों और राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों के ऐसे अभ्यर्थी, जो 5वीं कक्षा उत्तीर्ण हैं, वे भी फाइटर आरक्षक पद के लिए पात्र माने जाएंगे।
चयन के लिए बनेगी विशेष समिति
भर्ती प्रक्रिया के संचालन के लिए संबंधित रेंज के पुलिस महानिरीक्षक की ओर से एक चयन समिति गठित की जाएगी।
इस समिति में नामित पुलिस अधीक्षक अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप सेनानी या उप पुलिस अधीक्षक स्तर के दो अधिकारी सदस्य होंगे। खास बात यह है कि समिति में कम से कम एक महिला अधिकारी का होना अनिवार्य किया गया है।
सरकार का फोकस स्थानीय युवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर
बस्तर फाइटर्स के नए भर्ती नियमों में स्थानीय युवाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार का मानना है कि स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकते हैं।
नए नियम लागू होने के बाद आने वाली भर्ती में जिलेवार स्थानीय निवासी की पात्रता एक महत्वपूर्ण शर्त होगी।