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‘पद्मावती को कायर नहीं कहा था’, स्वरा भास्कर ने दी सफाई: ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर बयान से मचा था विवाद; प्रियंका चतुर्वेदी से भी हुई बहस

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मुंबई। अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन को लेकर दिए अपने पुराने बयान पर सफाई दी है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म के क्लाइमैक्स में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि स्वरा ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को ‘कायर’ कहा था।

लगातार हो रही ट्रोलिंग के बीच स्वरा ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा था।

दिल्ली के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद

यह विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में स्वरा से फिल्म पद्मावत देखने के बाद उनके द्वारा लिखे गए ओपन लेटर को लेकर सवाल किया गया था।

जवाब में अभिनेत्री ने जौहर के दृश्य पर अपनी आपत्ति जाहिर की। उनका कहना था कि फिल्म का यह चित्रण रेप सर्वाइवर्स के लिए गलत संदेश देने वाला हो सकता है।

स्वरा ने सवाल उठाया कि क्या किसी महिला को यौन हिंसा के बाद यह महसूस कराया जाना चाहिए कि उसकी जिंदगी खत्म हो गई है या उसके पास जीने का अधिकार नहीं है।

‘मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा’

बयान पर विवाद बढ़ने के बाद स्वरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहे क्लिप के कारण उनके बयान का अर्थ बदलकर पेश किया गया है।

स्वरा के मुताबिक, उनका सवाल यह था कि अगर कोई रेप सर्वाइवर पद्मावत का क्लाइमैक्स देखे, तो क्या उसे यह महसूस हो सकता है कि रेप के बाद जिंदा बच जाना ही उसकी ‘कायरता’ थी।

उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी रानी पद्मावती या महल की महिलाओं के साहस पर नहीं, बल्कि फिल्म में जौहर को जिस तरह प्रस्तुत किया गया, उसके संभावित सामाजिक संदेश पर थी।

‘क्या महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा जरूरी है?’

स्वरा ने अपनी सफाई में रेप और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मौजूदा सामाजिक मुद्दों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि देश में यौन हिंसा एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी फिल्मों या कहानियों का निर्माण किया जाना चाहिए, जिनसे यह संदेश जाए कि महिला की ‘पवित्रता’ उसकी जिंदगी से अधिक महत्वपूर्ण है।

अभिनेत्री ने निर्भया मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने आखिरी समय तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया था। उनके मुताबिक, किसी भी महिला की जीने की इच्छा और जीवन के अधिकार को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।

प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस

स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जौहर को उस दौर की परिस्थितियों में महिलाओं के सामने मौजूद विकल्पों और उनकी पसंद के संदर्भ में देखने की बात कही।

प्रियंका के मुताबिक, उस समय महिलाओं के सामने विजेताओं की गुलामी या हरम में रखे जाने जैसी परिस्थितियों के बीच चुनाव का सवाल था और इसे उस ऐतिहासिक संदर्भ में समझना चाहिए।

इसके जवाब में स्वरा ने कहा कि बहस केवल जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद को लेकर नहीं है। उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि आज के समय में हम किस चीज का महिमामंडन कर रहे हैं और उसका समाज पर क्या संदेश जाता है।

‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर क्यों उठे सवाल?

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत 2018 में रिलीज हुई थी। फिल्म के क्लाइमैक्स में चित्तौड़ पर हमला होने के बाद रानी पद्मावती के किरदार में दीपिका पादुकोण को किले की अन्य महिलाओं के साथ जौहर करते हुए दिखाया गया है।

फिल्म में इस घटना को दुश्मन सेना के हाथों पकड़े जाने से बचने के लिए महिलाओं द्वारा खुद को आग के हवाले करने के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

स्वरा ने इसी दृश्य को लेकर रिलीज के समय भी सवाल उठाए थे और फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।

विवाद के बीच स्वरा का फोकस अलग संदेश पर

स्वरा भास्कर की ताजा सफाई से साफ है कि वह अपने बयान को ऐतिहासिक पात्रों के अपमान के बजाय यौन हिंसा से बचे लोगों के जीवन और सामाजिक संदेश के संदर्भ में देखती हैं।

वहीं सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक तरफ लोग उनके सवालों का समर्थन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग जौहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं।

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