India-Belgium Defence Cooperation: भारत और बेल्जियम ने रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है। राजधानी में हुई भारत-बेल्जियम रक्षा मंत्रियों की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने की जरूरत बताई। वहीं, बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने भारत की तकनीकी क्षमता की सराहना करते हुए भविष्य की परियोजनाओं में साथ काम करने की इच्छा जताई।
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और नए क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने बदलते वैश्विक हालात का किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस समय दुनिया बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक बदलावों से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भरोसेमंद साझेदारों के साथ बातचीत और विचारों का आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए देशों को आपसी सहयोग बढ़ाना होगा। उनके मुताबिक, बेल्जियम जैसे मित्र देश के साथ बैठक दोनों पक्षों को बदलते हालात और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार साझा करने का अवसर देती है।
रक्षा कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
रक्षा मंत्री ने हाल में हुई भारत-बेल्जियम रणनीतिक बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संवाद ने रक्षा और सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक आधार तैयार किया है।
राजनाथ सिंह के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और विस्तार देने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। खास तौर पर दोनों देशों के रक्षा उद्योगों और कंपनियों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने बेल्जियम और भारत की रक्षा कंपनियों के बीच ज्यादा सहयोग का स्वागत करने की बात कही।
बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने भारत की तकनीकी क्षमता की तारीफ की
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने भारत की तकनीकी क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की परियोजनाओं के लिए बेल्जियम को भारत जैसे तकनीकी रूप से सक्षम देशों के साथ काम करने की जरूरत है।
फ्रैंकन ने भारत को हाई-टेक्नोलॉजी क्षमता वाला देश बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मिलकर काम करने की काफी संभावनाएं हैं।
उनके मुताबिक, बेल्जियम के पास लंबे समय से तकनीकी विशेषज्ञता है, लेकिन भविष्य की परियोजनाओं के लिए भारत जैसे देशों के साथ सहयोग करना जरूरी है। उन्होंने इसे बेल्जियम के आगे बढ़ने के महत्वपूर्ण रास्तों में से एक बताया।
2025 में भारत आया था बेल्जियम का बड़ा आर्थिक मिशन
थियो फ्रैंकन ने मार्च 2025 में बेल्जियम की प्रिंसेस एस्ट्रिड के नेतृत्व में भारत आए बड़े आर्थिक मिशन का भी जिक्र किया।
उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच नए सहयोग और रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। फ्रैंकन के अनुसार, इसके बाद से भारत और बेल्जियम के संबंधों में तेजी देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि करीब 18 महीनों के भीतर सहयोग से जुड़ी परियोजनाओं के लिए कई कॉन्ट्रैक्ट साइन किए जा चुके हैं।
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच अहम बैठक
भारत और बेल्जियम के रक्षा मंत्रियों की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध समेत कई घटनाओं का अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे दौर में बेल्जियम के अपने समकक्ष के साथ बातचीत से उभरती चुनौतियों पर विचारों और दृष्टिकोणों को साझा करने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री के साथ भारत आए हैं बेल्जियम के रक्षा मंत्री
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन, प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री 2 से 4 सितंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
इस दौरान भारत और बेल्जियम के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हो रही है। रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर जोर इसी व्यापक द्विपक्षीय सहयोग का हिस्सा है।