Bilaspur Violence Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 28 अगस्त की रात हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। दोनों पक्षों से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के बीच फरार आरोपी राम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर जल्द पुलिस के सामने सरेंडर करने की बात कही है।
वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि वह अपने धर्म के लिए आवाज उठाने की वजह से निशाने पर है। उसने पुलिस और कुछ लोगों पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया। साथ ही राम सिंह ने सरेंडर के बाद जेल में अपनी हत्या किए जाने की आशंका भी जताई है।
हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर हिंसा मामले में पुलिस अब तक दोनों पक्षों के कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी बताए गए हैं।
वहीं, दोनों पक्षों से जुड़े कुछ अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें बिलासपुर समेत संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का निकाला गया पैदल जुलूस
पुलिस ने हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए सोहेल खान समेत छह आरोपियों का पैदल जुलूस भी निकाला था। इसके बाद मामले से जुड़ा एक CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें सोहेल खान के हाथ में कथित तौर पर कट्टा दिखाई दे रहा है।
पुलिस के अनुसार, इसी हथियार से घटना के दौरान हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
कैसे शुरू हुआ था पूरा विवाद?
पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त की रात खपरगंज इलाके में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया कि सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आए।
विवाद बढ़ने के बाद दोनों गुटों में मारपीट और पथराव शुरू हो गया। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किए जाने का आरोप है।
घटना में तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
हिंसा के बाद पुलिस ने खपरगंज और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच की जा रही है।
पुलिस इन फुटेज के जरिए पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में कथित तौर पर शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, एक CCTV फुटेज में सोहेल खान के हाथ में पिस्टलनुमा हथियार दिखाई देता है और उसके हवाई फायरिंग करने की बात भी सामने आई है।
सोहेल की निशानदेही पर हथियार बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से रातभर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, सोहेल खान की निशानदेही पर उसके घर से एक एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी से पहले एक इंटरव्यू में सोहेल ने खुद को विवाद से अलग बताया था। हालांकि, बाद में सामने आए CCTV फुटेज में उसकी कथित मौजूदगी को लेकर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
सोहेल खान पर 20 केस दर्ज होने का दावा
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उन्हें देर शाम रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
SSP रजनेश सिंह के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश बताए जा रहे सोहेल खान के खिलाफ पहले से 20 मामले दर्ज हैं।
पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान हिंसा मामले में उसकी भूमिका, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
राम सिंह और भाई के ठिकानों पर पुलिस की दबिश
पुलिस ने हिंसा को कथित तौर पर धार्मिक रंग देने के आरोपी राम सिंह और उसके भाई के घर पर भी देर रात छापेमारी की।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक दोनों स्थानों से फिलहाल कोई संदिग्ध सामग्री या आरोपी नहीं मिला। रायपुर में तैनात पुलिस टीम भी राम सिंह का पता लगाने में जुटी हुई है।
पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथ जुड़े कुछ लोग बिलासपुर, रायपुर या आसपास के अन्य जिलों के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं।
सरेंडर के दावे के बाद क्या होगा?
राम सिंह ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में जल्द पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की बात कही है। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि धर्म के लिए आवाज उठाने की वजह से उसे निशाना बनाया जा रहा है।
उसने जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका जाहिर की है। अब पुलिस उसके सरेंडर का इंतजार कर रही है और उसके खिलाफ दर्ज मामलों में उसकी भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल बिलासपुर हिंसा मामले में पुलिस की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।