Range Rover Electric: लग्जरी SUV की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाली Range Rover ने अब इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एंट्री कर ली है। कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक Range Rover को पेश कर दिया है, जिसे आधुनिक इलेक्ट्रिक तकनीक के साथ ब्रांड की पारंपरिक लग्जरी और ऑफ-रोड क्षमता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इस इलेक्ट्रिक SUV का निर्माण सोलिहल प्लांट में किया जा रहा है। खास बात यह है कि 1970 से Range Rover के निर्माण से जुड़े इस प्लांट में तैयार होने वाली यह पहली इलेक्ट्रिक Range Rover है। ऐसे में इसे कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
पहले से ज्यादा शांत और तेज होगी इलेक्ट्रिक Range Rover
Range Rover Electric को सिर्फ पेट्रोल-डीजल मॉडल का इलेक्ट्रिक विकल्प नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर के आधार पर विकसित किया गया है।
इलेक्ट्रिक पावरट्रेन की वजह से SUV का केबिन पहले के मॉडल्स की तुलना में काफी शांत रहने की उम्मीद है। साथ ही इलेक्ट्रिक मोटर का इंस्टेंट टॉर्क इसे तेज प्रतिक्रिया देने वाली SUV बनाता है।
कंपनी ने इसके डिजाइन में Range Rover की पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक इलेक्ट्रिक तकनीक को शामिल किया है। इसका उद्देश्य लग्जरी, आराम और दमदार परफॉर्मेंस को एक साथ उपलब्ध कराना है।
405kW पावर और 850Nm का टॉर्क
Range Rover Electric में दो Permanent Magnet इलेक्ट्रिक मोटर दी गई हैं। प्रत्येक मोटर की क्षमता 260kW बताई गई है।
दोनों मोटर मिलकर SUV को अधिकतम 405kW पावर और 850Nm टॉर्क देने में सक्षम हैं। इलेक्ट्रिक मोटर से मिलने वाला इंस्टेंट टॉर्क SUV को तेज एक्सीलरेशन और बेहतर रिस्पॉन्स देने में मदद करता है।
एक चार्ज में 600KM तक दौड़ेगी SUV
रेंज की बात करें तो Range Rover Electric को WLTP सर्टिफिकेशन के अनुसार एक बार चार्ज करने पर 600 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है।
वहीं, वास्तविक ड्राइविंग परिस्थितियों में इसकी रेंज करीब 535 किलोमीटर तक रहने का दावा किया गया है।
इसका मतलब है कि रोजाना ऑफिस, शहर के भीतर आवाजाही या लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बार-बार चार्जिंग की जरूरत कम हो सकती है।
करीब एक दशक की इंजीनियरिंग का नतीजा
Range Rover के मैनेजिंग डायरेक्टर मार्टिन लिंपर्ट के मुताबिक, Range Rover Electric को तैयार करने में करीब एक दशक की इंजीनियरिंग और तकनीकी मेहनत लगी है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम को Range Rover की पारंपरिक पहचान के अनुरूप विकसित किया गया है। इलेक्ट्रिक ड्राइव के कारण केबिन में शांति और आराम का स्तर बढ़ता है, जबकि पावरट्रेन और आधुनिक चेसिस तकनीक SUV की क्षमता को बनाए रखते हैं।
कंपनी का जोर इस बात पर है कि इलेक्ट्रिक पावरट्रेन अपनाने के बावजूद Range Rover की क्षमता और ड्राइविंग कैरेक्टर से समझौता न हो।
फिसलन में भी मिलेगा बेहतर कंट्रोल
Range Rover Electric में ड्राइविंग को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए कई एडवांस तकनीकें दी गई हैं। इनमें Intelligent Driveline Dynamics (IDD) प्रमुख है।
यह सिस्टम जरूरत के मुताबिक पिछले हिस्से में टॉर्क को 0 से 100 फीसदी तक वितरित कर सकता है। इसका उद्देश्य पहियों को फिसलने से रोकना और अलग-अलग सड़क परिस्थितियों में SUV की पकड़ बनाए रखना है।
50 मिलीसेकंड में मोटर कंट्रोल
SUV में Integrated Traction Management (ITM) सिस्टम भी दिया गया है। यह सिस्टम महज 50 मिलीसेकंड के भीतर मोटर की गति को नियंत्रित करने में सक्षम है।
कंपनी के मुताबिक, यह तकनीक पारंपरिक Internal Combustion Engine यानी ICE वाली गाड़ियों की तुलना में फिसलन की स्थिति को 100 गुना ज्यादा तेजी से संभाल सकती है।
इससे बारिश, कीचड़ या कम ग्रिप वाली सतहों पर वाहन के ट्रैक्शन और स्थिरता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
लग्जरी के साथ ऑफ-रोड क्षमता पर भी फोकस
Range Rover की पहचान सिर्फ प्रीमियम डिजाइन और आरामदायक केबिन तक सीमित नहीं है। ब्रांड अपनी SUVs की ऑफ-रोड क्षमता के लिए भी जाना जाता है।
इलेक्ट्रिक मॉडल में भी कंपनी ने इसी पहचान को बनाए रखने की कोशिश की है। दमदार इलेक्ट्रिक मोटर्स, एडवांस्ड टॉर्क मैनेजमेंट और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम के जरिए SUV को अलग-अलग तरह की सड़क परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है।
Range Rover Electric के साथ कंपनी अब लग्जरी SUV सेगमेंट में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है।