दुर्ग, 03 सितम्बर 2026 / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का कोर्ट रूम आज सामान्य दिनों से कुछ अलग नजर आया। वातावरण में औपचारिकता से अधिक भावनाएँ थीं। अवसर था छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के कार्यकाल के पूर्ण होने पर आयोजित Farewell Ovation का।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति के कोर्ट रूम में आयोजित इस समारोह में उनके न्यायिक कार्यकाल, नेतृत्व और न्याय व्यवस्था में उनके योगदान को स्मरण किया गया। इस समारोह की एक खास बात यह भी रही कि विदाई सिर्फ कोर्ट रूम की चारदीवारी तक सीमित नहीं रही।
कोर्ट रूम में मौजूदगी सीमित थी, लेकिन समारोह की पहुँच नहीं।
कार्यक्रम का Live Streaming के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। इसके जरिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और प्रदेश के न्यायिक परिवार से जुड़े लोग देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से इस महत्वपूर्ण अवसर से जुड़ सके।
इसी डिजिटल माध्यम से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभी न्यायाधीशगण तथा आम नागरिकगण भी समारोह में जुड़े और माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के संबोधन को सीधे सुना। तकनीक के इस इस्तेमाल ने विदाई के पारंपरिक स्वरूप को एक अलग आयाम दे दिया। एक ओर बिलासपुर का कोर्ट रूम था, जहां समारोह प्रत्यक्ष रूप से हो रहा था, वहीं दूसरी ओर स्क्रीन के माध्यम से अनेक न्यायिक अधिकारी तथा आम नागरिकगण उसी क्षण इस आयोजन के सहभागी बने हुए थे।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति के कोर्ट रूम में आयोजित इस समारोह में उनके न्यायिक कार्यकाल, नेतृत्व और न्याय व्यवस्था में उनके योगदान को स्मरण किया गया। इस समारोह की एक खास बात यह भी रही कि विदाई सिर्फ कोर्ट रूम की चारदीवारी तक सीमित नहीं रही।
कोर्ट रूम में मौजूदगी सीमित थी, लेकिन समारोह की पहुँच नहीं।
कार्यक्रम का Live Streaming के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। इसके जरिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और प्रदेश के न्यायिक परिवार से जुड़े लोग देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से इस महत्वपूर्ण अवसर से जुड़ सके।
इसी डिजिटल माध्यम से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभी न्यायाधीशगण तथा आम नागरिकगण भी समारोह में जुड़े और माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के संबोधन को सीधे सुना। तकनीक के इस इस्तेमाल ने विदाई के पारंपरिक स्वरूप को एक अलग आयाम दे दिया। एक ओर बिलासपुर का कोर्ट रूम था, जहां समारोह प्रत्यक्ष रूप से हो रहा था, वहीं दूसरी ओर स्क्रीन के माध्यम से अनेक न्यायिक अधिकारी तथा आम नागरिकगण उसी क्षण इस आयोजन के सहभागी बने हुए थे।
एक कार्यकाल, जिसने कई बदलावों को देखा
श्री रमेश सिन्हा के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ की न्यायिक व्यवस्था में तकनीक, न्यायिक अधोसंरचना, न्याय तक पहुँच और प्रशासनिक दक्षता जैसे विषय लगातार चर्चा के केंद्र में रहे। न्यायिक संस्थाओं को बदलते समय के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में हुए प्रयासों ने न्याय व्यवस्था को केवल पारंपरिक अदालतों तक सीमित रखने के बजाय उसे तकनीक और व्यापक जनसरोकारों से जोड़ने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
कुछ विदाइयाँ खत्म नहीं होतीं
03 सितंबर 2026 का यह Farewell Ovation केवल एक कार्यकाल के पूर्ण होने का अवसर नहीं रहा। यह उस यात्रा को पीछे मुड़कर देखने का क्षण भी था, जिसमें न्यायिक दायित्व, संस्थागत नेतृत्व और बदलती तकनीकी दुनिया साथ-साथ चलती दिखाई दी।
बिलासपुर के कोर्ट रूम में शुरू हुई यह विदाई Live Streaming के जरिए दुर्ग समेत अनेक स्थानों तक पहुँची और न्यायिक परिवार के अनेक सदस्यों को एक साझा क्षण का हिस्सा बना गई।
क्योंकि कुछ विदाइयाँ किसी एक स्थान पर नहीं होतीं वे उन सभी लोगों की स्मृतियों में दर्ज होती हैं, जो उस यात्रा के किसी न किसी पड़ाव पर उसके साथ रहे होते हैं। और शायद इसी वजह से 03 सितंबर की यह विदाई केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एक न्यायिक यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय का डिजिटल और भावनात्मक दस्तावेज बन गई।
कुछ विदाइयाँ खत्म नहीं होतीं
03 सितंबर 2026 का यह Farewell Ovation केवल एक कार्यकाल के पूर्ण होने का अवसर नहीं रहा। यह उस यात्रा को पीछे मुड़कर देखने का क्षण भी था, जिसमें न्यायिक दायित्व, संस्थागत नेतृत्व और बदलती तकनीकी दुनिया साथ-साथ चलती दिखाई दी।
बिलासपुर के कोर्ट रूम में शुरू हुई यह विदाई Live Streaming के जरिए दुर्ग समेत अनेक स्थानों तक पहुँची और न्यायिक परिवार के अनेक सदस्यों को एक साझा क्षण का हिस्सा बना गई।
क्योंकि कुछ विदाइयाँ किसी एक स्थान पर नहीं होतीं वे उन सभी लोगों की स्मृतियों में दर्ज होती हैं, जो उस यात्रा के किसी न किसी पड़ाव पर उसके साथ रहे होते हैं। और शायद इसी वजह से 03 सितंबर की यह विदाई केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एक न्यायिक यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय का डिजिटल और भावनात्मक दस्तावेज बन गई।