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Insurance Hike: वाहन मालिकों को लग सकता है बड़ा झटका, बढ़ सकता है थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम; साल के अंत तक नई दरें संभव

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Insurance Hike: देशभर के वाहन मालिकों के लिए आने वाले महीनों में इंश्योरेंस का खर्च बढ़ सकता है। मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम में संशोधन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नई प्रीमियम दरों को इस साल के अंत तक अधिसूचित किया जा सकता है। हालांकि, अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए प्रीमियम में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसकी तस्वीर नई दरें जारी होने के बाद ही साफ होगी।

मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरों में पिछली बार 2022 में बदलाव किया गया था। इसके बाद से बीमा कंपनियां प्रीमियम दरों की समीक्षा और बढ़ोतरी की मांग करती रही हैं। कंपनियों का तर्क है कि बढ़ते क्लेम, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजे और कानूनी खर्च के कारण मौजूदा प्रीमियम पर कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।

करीब 24.77 करोड़ वाहन मालिकों पर पड़ सकता है असर

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरों में बदलाव का असर बड़ी संख्या में वाहन मालिकों पर पड़ सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 24.77 करोड़ वाहन इस व्यवस्था के दायरे में हैं।

अगर नई दरों में बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर वाहन मालिकों के सालाना इंश्योरेंस खर्च पर दिखाई देगा। कार, बाइक, स्कूटर और अन्य मोटर वाहनों के मालिकों को पहले की तुलना में अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।

हालांकि, दरें तय करते समय बीमा कंपनियों के बढ़ते खर्च के साथ वाहन मालिकों की आर्थिक क्षमता का भी ध्यान रखने की कोशिश की जाएगी।

बीमा कंपनियां क्यों मांग रही हैं प्रीमियम बढ़ाने की अनुमति?

बीमा कंपनियों का कहना है कि मोटर इंश्योरेंस में क्लेम से जुड़ा खर्च लगातार बढ़ रहा है। सड़क हादसों में मुआवजे की रकम, कानूनी प्रक्रिया और दावों की औसत लागत बढ़ने से कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है।

कंपनियों के मुताबिक मौजूदा प्रीमियम दरों पर उन्हें अंडरराइटिंग लॉस का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि वे प्रीमियम दरों में संशोधन की मांग कर रही हैं।

क्या होता है थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस?

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस ऐसा मोटर बीमा है, जिसमें वाहन से किसी तीसरे व्यक्ति को चोट, नुकसान या अन्य कानूनी देनदारी होने की स्थिति में कवर मिलता है।

सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजे और कानूनी दावों की लागत बढ़ने का सीधा असर बीमा कंपनियों के खर्च पर पड़ता है। इसी को आधार बनाकर कंपनियां प्रीमियम की समीक्षा की मांग कर रही हैं।

2022 के बाद अब हो सकता है बड़ा बदलाव

मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की प्रीमियम दरों में आखिरी संशोधन 2022 में हुआ था। अब नई समीक्षा के बाद अगर दरें बढ़ाई जाती हैं, तो इसका असर अलग-अलग श्रेणी के वाहनों पर अलग-अलग हो सकता है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार, दोपहिया या अन्य वाहनों के प्रीमियम में कितनी बढ़ोतरी होगी। अंतिम दरें अधिसूचित होने के बाद ही इसका खुलासा होगा।

वाहन मालिकों की जेब पर कितना असर?

प्रीमियम बढ़ने की स्थिति में वाहन मालिकों की सालाना इंश्योरेंस लागत बढ़ना तय माना जा सकता है। खासतौर पर बड़ी संख्या में दोपहिया और निजी वाहन रखने वाले लोगों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

फिलहाल थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की नई दरों को लेकर समीक्षा अंतिम चरण में होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में वाहन मालिकों की नजर अब साल के अंत तक आने वाली अधिसूचना पर रहेगी। नई दरें लागू होने के बाद ही पता चलेगा कि किस वाहन श्रेणी के प्रीमियम में कितनी बढ़ोतरी की गई है।

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