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Sabudana Khichdi Recipe: व्रत में ऐसे बनाएं खिले-खिले साबूदाने की खिचड़ी, न चिपकेगी न रहेगी कच्ची; जानें आसान ट्रिक्स

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Sabudana Khichdi Recipe: व्रत और फलाहार की बात हो तो साबूदाना खिचड़ी का नाम सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में आता है। साबूदाने के साथ कुरकुरी भुनी मूंगफली, हरी मिर्च और हल्के मसालों का कॉम्बिनेशन इसे स्वादिष्ट बनाने के साथ पेट भरने वाला भी बनाता है।

हालांकि घर पर साबूदाना खिचड़ी बनाते समय अक्सर एक समस्या आती है—साबूदाना या तो जरूरत से ज्यादा चिपचिपा हो जाता है या फिर अच्छी तरह पकता नहीं है। लेकिन कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से खिले-खिले और स्वादिष्ट साबूदाना दाने तैयार कर सकते हैं।

इस रेसिपी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका साबूदाना भिगोने की है। अगर इसमें पानी की मात्रा सही रही तो खिचड़ी का टेक्सचर भी बेहतरीन आएगा।

साबूदाना भिगोने का सही तरीका

सबसे पहले साबूदाने को 2-3 बार साफ पानी से धीरे-धीरे धो लें। इसके बाद एक बर्तन में साबूदाना डालकर इतना पानी डालें कि दाने बस हल्के से डूब जाएं।

साबूदाने को जरूरत से ज्यादा पानी में भिगोने से वह फूलकर चिपचिपा हो सकता है। आमतौर पर 4 से 6 घंटे या रातभर भिगोना पर्याप्त रहता है, लेकिन यह साबूदाने की क्वालिटी और किस्म पर भी निर्भर करता है।

सही तरह से भीगे साबूदाने को उंगली से दबाने पर वह आसानी से टूट या मैश हो जाना चाहिए।

मूंगफली से बढ़ाएं खिचड़ी का स्वाद

साबूदाना खिचड़ी में मूंगफली सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि शानदार क्रंच भी जोड़ती है। इसके लिए मूंगफली को धीमी आंच पर अच्छी तरह भून लें।

ठंडी होने के बाद इसे हल्का दरदरा कूटें। मूंगफली को बिल्कुल बारीक पीसने से बचें, क्योंकि दरदरे टुकड़े खिचड़ी खाते समय बेहतर टेक्सचर देते हैं।

ऐसे तैयार करें खिचड़ी का तड़का

कड़ाही में जरूरत के मुताबिक घी या तेल गर्म करें। इसमें जीरा डालकर चटकने दें। इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च डालें।

अगर आप व्रत के नियमों के अनुसार आलू खाते हैं, तो इसमें उबले हुए या कटे आलू भी मिला सकते हैं। स्वाद के अनुसार सेंधा नमक डालें।

अब इसमें भीगा हुआ साबूदाना और दरदरी कुटी मूंगफली डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें।

पकाते समय इस गलती से बचें

साबूदाने को तेज आंच पर लंबे समय तक पकाना खिचड़ी का टेक्सचर खराब कर सकता है। इसलिए इसे मध्यम से धीमी आंच पर कुछ मिनट ही पकाएं।

साबूदाने को बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें। जैसे ही दाने पारदर्शी दिखाई देने लगें, गैस बंद कर दें।

याद रखें, ज्यादा पकाने से साबूदाना चिपचिपा और गीला हो सकता है।

आखिर में डालें ये चीजें

खिचड़ी तैयार होने के बाद इसमें थोड़ा ताजा नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डाल सकते हैं। ऊपर से थोड़ी दरदरी भुनी मूंगफली डालने से स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं।

नींबू की हल्की खटास खिचड़ी के स्वाद को बैलेंस करती है और इसे ज्यादा फ्रेश टेस्ट देती है। हालांकि व्रत के दौरान नींबू, हरा धनिया या अन्य सामग्री का इस्तेमाल आपके परिवार की परंपरा और व्रत के नियमों पर निर्भर करता है।

गरमागरम सर्व करें साबूदाना खिचड़ी

साबूदाना खिचड़ी को बनाते ही गरमागरम परोसना बेहतर रहता है। सर्व करते समय ऊपर से थोड़ा घी, मूंगफली और हरा धनिया डाला जा सकता है।

इसे दही या फलाहारी चटनी के साथ भी खाया जा सकता है। व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री अपने स्थानीय या पारिवारिक व्रत नियमों के अनुसार ही चुनें।

परफेक्ट साबूदाना खिचड़ी के लिए 5 जरूरी टिप्स

  • साबूदाने को जरूरत से ज्यादा पानी में न भिगोएं।
  • भिगोने का समय साबूदाने की किस्म के हिसाब से रखें।
  • मूंगफली को दरदरा कूटें, बारीक पाउडर न बनाएं।
  • साबूदाने को तेज आंच पर ज्यादा देर तक न पकाएं।
  • दाने पारदर्शी होते ही गैस बंद कर दें।

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