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OMAD डाइट से 38 किलो वजन घटा, लेकिन क्या ये तरीका सुरक्षित है? जानिए फायदे, नुकसान और सही तरीका

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OMAD Diet for Weight Loss: वजन कम करने के लिए इन दिनों कई तरह की डाइट और फास्टिंग पैटर्न चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक है OMAD यानी One Meal A Day Diet, जिसमें व्यक्ति पूरे दिन में सिर्फ एक बार खाना खाता है। कंटेंट क्रिएटर जेफिन ने हाल ही में अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर की। उन्होंने दावा किया कि OMAD डाइट की मदद से एक साल में 38 किलो वजन कम किया।

हालांकि, दिन में सिर्फ एक बार भोजन करने से वजन तेजी से कम हो सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं माना जा सकता। लंबे समय तक या गलत तरीके से इसे अपनाने पर कमजोरी, पोषण की कमी और मसल लॉस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे में यह समझना जरूरी है कि OMAD डाइट वास्तव में क्या है, इसे कैसे फॉलो किया जाता है और किन लोगों को इससे बचना चाहिए।

इसी विषय पर ‘जरूरत की खबर’ में जानते हैं एक्सपर्ट से कि OMAD डाइट के फायदे और नुकसान क्या हैं और वजन घटाने के लिए इससे बेहतर विकल्प कौन-से हो सकते हैं।

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन और फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’

सवाल- OMAD डाइट क्या होती है और इंटरमिटेंट फास्टिंग से कितनी अलग है?

जवाब- OMAD और इंटरमिटेंट फास्टिंग दोनों ही खाने के समय को सीमित करने वाले तरीके हैं, लेकिन दोनों का पैटर्न अलग है।

OMAD Diet

  • OMAD का मतलब One Meal A Day यानी दिन में एक बार भोजन करना है।
  • इसमें 24 घंटे के दौरान केवल एक बार खाना खाया जाता है।
  • कोशिश होती है कि इसी एक मील से दिनभर की जरूरी कैलोरी और पोषण पूरा हो।
  • बाकी करीब 23 घंटे फास्टिंग में रहते हैं।

Intermittent Fasting

  • इंटरमिटेंट फास्टिंग में खाने और उपवास के लिए एक निश्चित टाइम विंडो तय की जाती है।
  • सबसे लोकप्रिय पैटर्न 16:8 है, जिसमें 16 घंटे फास्टिंग और 8 घंटे खाने का समय होता है।
  • 14:10 पैटर्न में 14 घंटे फास्ट और 10 घंटे की ईटिंग विंडो रहती है।
  • ईटिंग विंडो के दौरान व्यक्ति 2 से 3 बार संतुलित भोजन कर सकता है।

सवाल- क्या दिन में सिर्फ एक बार खाने से वजन तेजी से घट सकता है?

जवाब- एक बार भोजन करने से कुल कैलोरी कम हो सकती है और इससे वजन तेजी से घटने की संभावना रहती है। लेकिन इसे वजन घटाने का सबसे सुरक्षित तरीका नहीं माना जा सकता। लंबे समय तक वजन को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित डाइट, उचित कैलोरी डेफिसिट और नियमित एक्सरसाइज ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

सवाल- OMAD डाइट के फायदे और नुकसान क्या हैं?

जवाब- OMAD से कुछ लोगों को वजन कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसके साथ कई जोखिम भी जुड़े हो सकते हैं।

संभावित फायदे

  • कैलोरी इनटेक कम होने से वजन घट सकता है।
  • खाने की फ्रीक्वेंसी कम हो जाती है।
  • कुछ लोगों के लिए डाइट रूटीन को फॉलो करना आसान हो सकता है।

संभावित नुकसान

  • कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।
  • शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व न मिलने का खतरा रहता है।
  • बहुत कम कैलोरी लेने पर मसल लॉस हो सकता है।
  • लंबे समय तक गलत तरीके से फॉलो करने पर मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है।
  • कुछ लोगों को भूख, चक्कर या एनर्जी की कमी की शिकायत हो सकती है।

सवाल- क्या OMAD से कैलोरी डेफिसिट बहुत ज्यादा हो सकता है?

जवाब- जब शरीर जितनी कैलोरी खर्च करता है, उससे कम कैलोरी भोजन के जरिए मिलती है तो इसे कैलोरी डेफिसिट कहते हैं। OMAD में दिनभर सिर्फ एक मील होने के कारण जरूरत से बहुत कम कैलोरी लेने का जोखिम बढ़ सकता है।

हेल्दी कैलोरी डेफिसिट

आमतौर पर रोज करीब 300-500 कैलोरी का नियंत्रित डेफिसिट धीरे-धीरे फैट लॉस में मदद कर सकता है। इसका उद्देश्य शरीर को पर्याप्त पोषण देते हुए वजन कम करना है।

बहुत ज्यादा कैलोरी डेफिसिट

अगर कैलोरी की कमी बहुत अधिक हो जाए तो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता। इससे न्यूट्रिशन की कमी, मसल लॉस और मेटाबॉलिक रेट में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- दिन में एक बार खाने का मेटाबॉलिज्म पर क्या असर पड़ता है?

जवाब- इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि एकमात्र मील में कितनी कैलोरी और कितना प्रोटीन लिया जा रहा है और इस पैटर्न को कितने समय तक अपनाया जा रहा है।

अगर कोई व्यक्ति कम समय के लिए इसे अपनाता है और उसकी एकमात्र मील पोषण से भरपूर है, तो स्थिति अलग हो सकती है। लेकिन लंबे समय तक बहुत कम कैलोरी और प्रोटीन लेने से शरीर की मसल मास और मेटाबॉलिक हेल्थ प्रभावित हो सकती है।

बेहतर परिणाम के लिए इन बातों का ध्यान रखें

  • OMAD को लंबे समय तक लगातार फॉलो करने से बचें।
  • कैलोरी डेफिसिट बहुत ज्यादा न रखें।
  • एकमात्र मील में पर्याप्त प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शामिल करें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज और खासकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर ध्यान दें।
  • शरीर में कमजोरी या दूसरे असामान्य संकेत दिखें तो डाइट रोककर विशेषज्ञ से सलाह लें।

सवाल- क्या OMAD से मसल लॉस हो सकता है?

जवाब- हां, गलत तरीके से OMAD करने पर फैट के साथ मसल मास कम होने का जोखिम भी हो सकता है।

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • कई महीनों तक लगातार OMAD फॉलो करना।
  • जरूरत से ज्यादा कैलोरी डेफिसिट रखना।
  • भोजन में पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेना।
  • जरूरी पोषक तत्वों की कमी होना।
  • पर्याप्त फिजिकल एक्टिविटी या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग न करना।
  • तेजी से वजन घटाने की कोशिश करना।

इसलिए सिर्फ वजन कम होना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। फैट लॉस के साथ मसल मास को बनाए रखना भी जरूरी है।

सवाल- OMAD फॉलो करने वाले एकमात्र मील में क्या खाएं?

जवाब- अगर कोई व्यक्ति विशेषज्ञ की सलाह से OMAD अपनाता है, तो एकमात्र मील को बेहद संतुलित रखना जरूरी है। सिर्फ पेट भरने के बजाय उसमें प्रोटीन, सब्जियां, हेल्दी फैट, फाइबर और जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शामिल होने चाहिए।

वेज और नॉन-वेज विकल्पों में अलग-अलग स्रोतों से प्रोटीन लिया जा सकता है। साथ ही पर्याप्त सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी है, ताकि एक ही मील में शरीर को अधिकतम पोषण मिल सके।

सवाल- किन लोगों को OMAD डाइट से बचना चाहिए?

जवाब- OMAD एक तरह का एक्सट्रीम फास्टिंग पैटर्न है और यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। खासकर जिन लोगों को कोई बीमारी है, जो नियमित दवाएं लेते हैं या जिनकी पोषण संबंधी जरूरतें ज्यादा हैं, उन्हें इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेनी चाहिए।

बच्चों, किशोरों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं और खान-पान से जुड़ी समस्या वाले लोगों के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ऐसी एक्सट्रीम फास्टिंग शुरू करना उचित नहीं है।

सवाल- OMAD करते समय लोग कौन-सी गलतियां करते हैं?

जवाब- अगर कोई व्यक्ति विशेषज्ञ की निगरानी में OMAD कर रहा है, तो इन गलतियों से बचना चाहिए:

  • बिना तैयारी के अचानक OMAD शुरू करना।
  • एकमात्र मील को बैलेंस्ड न रखना।
  • पौष्टिक भोजन की जगह जंक फूड खाना।
  • बहुत तेजी से भोजन खत्म करना।
  • पूरे दिन पर्याप्त पानी न पीना।
  • लगातार कमजोरी, चक्कर या अन्य वॉर्निंग सिग्नल्स को नजरअंदाज करना।

सवाल- भूख, कमजोरी और चक्कर से कैसे बचें?

जवाब- OMAD में लंबे समय तक फास्टिंग के कारण कुछ लोगों को भूख, कमजोरी या चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पर्याप्त पानी पीना, एकमात्र मील में पोषण का संतुलन बनाए रखना और जरूरत से ज्यादा कैलोरी डेफिसिट से बचना जरूरी है। अगर बार-बार चक्कर, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों तो डाइट जारी रखने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

सवाल- वजन कम करने के लिए OMAD के अलावा कौन-से विकल्प बेहतर हो सकते हैं?

जवाब- वजन कम करने के लिए जरूरी नहीं कि दिन में सिर्फ एक बार भोजन किया जाए। कई लोगों के लिए ज्यादा संतुलित और लंबे समय तक फॉलो किए जा सकने वाले विकल्प बेहतर हो सकते हैं।

1. इंटरमिटेंट फास्टिंग

  • 16 घंटे फास्टिंग और 8 घंटे की ईटिंग विंडो।
  • इस दौरान 2-3 संतुलित मील ली जा सकती हैं।
  • खाने की विंडो में पोषण पर ध्यान देना जरूरी है।

2. कैलोरी डेफिसिट डाइट

  • रोज की जरूरत से नियंत्रित मात्रा में कम कैलोरी लेना।
  • करीब 300-500 कैलोरी का डेफिसिट कई लोगों के लिए एक सामान्य शुरुआती लक्ष्य हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत जरूरत अलग होती है।
  • डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व शामिल करें।
  • डाइट ऐसी हो जिसे लंबे समय तक टिकाऊ तरीके से अपनाया जा सके।

3. हाई-प्रोटीन डाइट

  • भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।
  • कार्बोहाइड्रेट की मात्रा व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार नियंत्रित रखें।
  • प्रोटीन और फाइबर से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है।
  • उचित एक्सरसाइज के साथ यह मसल मास बनाए रखने में मदद कर सकता है।

4. लो-कार्ब डाइट

  • चावल, रोटी और अन्य कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नियंत्रित रखी जाती है।
  • सब्जियों और प्रोटीन को डाइट में पर्याप्त जगह दी जाती है।
  • कार्ब्स को पूरी तरह खत्म करना जरूरी नहीं है; डाइट व्यक्ति की जरूरत के अनुसार तय होनी चाहिए।

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