Weather Update: देश के कई हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलग-अलग राज्यों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर भारत, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम को लेकर सतर्क रहने और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। आकाशीय बिजली की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश बनी आफत
पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में बारिश के कारण सड़क पर मलबा आने, मिट्टी खिसकने और चट्टानों के गिरने की आशंका है। इससे यातायात बाधित हो सकता है। मौसम विभाग ने पहाड़ों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
UP और MP में भी तेज बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से इन राज्यों में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।
लगातार बारिश के चलते कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा भी बढ़ सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अति भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून का असर काफी तेज बना हुआ है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
IMD ने कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
भारी बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों में जमा अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि खरीफ फसलों को जलभराव से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
आम लोगों को भी कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन ले जाने से भी बचना चाहिए।
इन राज्यों में खास सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
मॉनसून के इस दौर में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना ही सबसे बेहतर विकल्प है।