Electric Vehicle Sales August 2026: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अगस्त 2026 में देशभर में कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री दर्ज की गई। यह आंकड़ा अगस्त 2025 में हुई बिक्री के मुकाबले 52.9% अधिक है। EV बिक्री में इस तेजी के साथ ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है।
एक साल पहले जहां EV की बाजार हिस्सेदारी 9.5% थी, वहीं अगस्त 2026 में यह बढ़कर 12.3% हो गई। ऑटोमोबाइल डीलर्स के संगठन FADA की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिहाज से अब तक का सबसे मजबूत अगस्त रहा।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में 67% उछाल
EV बाजार की कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का रहा। अगस्त 2026 में देश में 1,83,204 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके, जबकि अगस्त 2025 में इनकी बिक्री 1,09,673 यूनिट्स थी।
इस तरह सालाना आधार पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 67.05% की वृद्धि दर्ज की गई। टू-व्हीलर बाजार में EV की हिस्सेदारी भी 10% से ऊपर बनी हुई है।
खास बात यह है कि देश में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में 60% से ज्यादा हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की रही। इससे साफ है कि किफायती और रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर व बाइक EV अपनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री करीब तीन गुना
अगस्त में इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। अगस्त 2025 में इस सेगमेंट में सिर्फ 1,631 यूनिट्स बिकी थीं, जबकि अगस्त 2026 में यह संख्या बढ़कर 4,702 यूनिट्स हो गई।
यानी एक साल में इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री लगभग तीन गुना तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार को सिर्फ निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहने का संकेत देती है।
FADA: चारों EV कैटेगरी में बना नया अगस्त रिकॉर्ड
FADA के अध्यक्ष साई गिरिधर के अनुसार, अगस्त 2026 इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए भारत का अब तक का सबसे शानदार अगस्त रहा। उन्होंने कहा कि EV रिटेल की चारों प्रमुख कैटेगरी—टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, पैसेंजर कार और कॉमर्शियल व्हीकल—ने अगस्त महीने में अपना नया रिकॉर्ड बनाया है।
उनके मुताबिक, कोई भी EV कैटेगरी ऐसी नहीं रही जिसमें अगस्त में नया रिकॉर्ड दर्ज न हुआ हो।
EV की बिक्री बढ़ने के पीछे क्या हैं प्रमुख वजहें?
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। इनमें मुख्य रूप से ये तीन कारण अहम माने जा रहे हैं:
- कम रनिंग कॉस्ट: पेट्रोल और डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का खर्च कम पड़ता है, जिससे लंबे समय में ग्राहकों को बचत होती है।
- चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार: देश के बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और अन्य क्षेत्रों में भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
- नए EV मॉडल्स की बढ़ती संख्या: कंपनियां अलग-अलग कीमत और जरूरत के हिसाब से नए इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में ला रही हैं। बेहतर रेंज और नए फीचर्स वाले मॉडल ग्राहकों के विकल्प बढ़ा रहे हैं।
भारत में तेजी से बढ़ रहा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का बाजार
अगस्त के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ऑटो बाजार में EV अब पहले की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण सेगमेंट बन चुके हैं। टू-व्हीलर से लेकर पैसेंजर कार और कॉमर्शियल व्हीकल तक इलेक्ट्रिक विकल्पों की मांग बढ़ रही है। अगर यह रफ्तार आगे भी कायम रहती है तो आने वाले महीनों में EV की बाजार हिस्सेदारी और बढ़ने की संभावना है।