रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में एक नन्हा हाथी अपनी मां और झुंड से अलग हो गया है। करीब 2 से 3 साल का हाथी शावक पिछले दो दिनों से जंगल में अकेला घूम रहा है। शावक को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचाने के लिए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और अब ड्रोन की मदद से हाथियों के झुंड की लोकेशन तलाश की जा रही है।
वन विभाग के साथ स्थानीय हाथी मित्र दल भी इस रेस्क्यू अभियान में जुटा हुआ है। अधिकारियों की प्राथमिकता शावक को सुरक्षित रखते हुए जल्द से जल्द उसकी मां और झुंड से मिलाना है।
सात हाथियों के दल से अलग हुआ शावक
मामला धरमजयगढ़ वनमंडल के बोरो रेंज का है। जानकारी के मुताबिक, जशपुर जिले की ओर से सात हाथियों का एक दल चाल्हा गांव के आसपास के जंगल में पहुंचा था। हाथियों का झुंड पहाड़ी इलाके में घूम रहा था।
कुछ दिन पहले झुंड के छह हाथी पहाड़ से नीचे उतरकर मैनपाट की दिशा में आगे बढ़ गए। लेकिन छोटा शावक उनके साथ नहीं जा सका और पहाड़ पर ही रह गया।
बताया जा रहा है कि हाथियों का मुख्य दल अब शावक से करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर मैनपाट की ओर है।
भैंस चराने गए युवक की पड़ी नजर
बुधवार को जंगल के किनारे भैंस चराने गए एक युवक ने अकेले घूम रहे हाथी के बच्चे को देखा। उस समय शावक गांव के नजदीक तक पहुंच चुका था।
युवक ने इसकी जानकारी तुरंत ग्रामीणों को दी। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई और टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग को आशंका है कि शावक भैंसों के झुंड के साथ जंगल से बाहर निकलते हुए गांव की ओर आ गया होगा।
24 घंटे शावक पर नजर, पानी-चारे का इंतजाम
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम लगातार शावक की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। उसे किसी तरह का खतरा न हो, इसके लिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
शावक की जरूरत को देखते हुए उसके लिए पानी और चारे की भी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही वनकर्मी इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि उसे अनावश्यक रूप से परेशान या तनावग्रस्त न किया जाए।
ड्रोन से खोजा जा रहा हाथियों का झुंड
शावक को उसकी मां तक पहुंचाने के लिए अब वन विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है। ड्रोन के जरिए जंगल के बड़े हिस्से की निगरानी की जा रही है, ताकि मां और बाकी हाथियों के दल की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
झुंड की स्थिति स्पष्ट होने के बाद वन विभाग शावक को सुरक्षित तरीके से उसकी मां और दल के पास पहुंचाने की रणनीति पर काम करेगा।
ग्रामीण भी अभियान में दे रहे सहयोग
शावक को उसकी मां से मिलाने की इस कोशिश में स्थानीय ग्रामीण भी वन विभाग का सहयोग कर रहे हैं। जंगल और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी ग्रामीण वन अमले को दे रहे हैं।
अधिकारियों का प्रयास है कि शावक को सुरक्षित रखते हुए उसकी मां तक पहुंचने का रास्ता जल्द तलाश लिया जाए। वन विभाग को उम्मीद है कि ड्रोन सर्विलांस और लगातार निगरानी के जरिए हाथियों के झुंड की लोकेशन जल्द मिल जाएगी और नन्हा गजराज फिर अपनी मां के साथ जंगल में लौट सकेगा।
