Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगने की जानकारी सामने आई है। इनमें धान खरीदी की शुरुआत, बिजली बिल में राहत जारी रखने और सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने जैसे फैसले शामिल हैं।
राज्य सरकार के फैसलों के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। इसके साथ ही राज्य में 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने की योजना है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
- धान खरीदी की शुरुआत: 15 नवंबर 2026
- निर्धारित दर: 3,100 रुपये प्रति क्विंटल
- नए धान खरीदी केंद्र: 360
नए खरीदी केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। इससे मौजूदा केंद्रों पर भीड़ और लंबी दूरी तय करने की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक जारी
बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल में छूट की योजना को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने का फैसला किए जाने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बिजली बिल पर 200 यूनिट और 400 यूनिट तक राहत को लेकर अलग-अलग उल्लेख है। इसलिए उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ, पात्रता और लागू यूनिट सीमा की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से करनी चाहिए।
सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा से जुड़ा फैसला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को इलाज के दौरान अस्पताल में भुगतान की परेशानी से राहत देना है। हालांकि, योजना में शामिल कर्मचारियों की श्रेणियों, अस्पतालों, उपचार की सीमा और लागू होने की तारीख से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।
कैबिनेट बैठक में कुल 19 फैसलों पर मुहर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े कुल 19 फैसले लिए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित निर्णय प्रमुख हैं।
इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में कृषि व्यवस्था को बेहतर बनाना, आम नागरिकों को राहत देना और सरकारी कर्मचारियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करना बताया जा रहा है।
11 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में भी हुए थे अहम फैसले
इससे पहले 11 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों और विभागीय नामकरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी।
पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पद
राज्य सरकार ने गृह विभाग में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी थी। इन पदों पर भर्ती उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार की जाएगी।
सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर चुकी है।
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने का प्रस्ताव
कैबिनेट ने ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन किया जाना है।
किसानों और आम जनता की नजर सरकारी आदेशों पर
छत्तीसगढ़ सरकार के इन फैसलों से किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, बिजली बिल में राहत की वास्तविक सीमा, कैशलेस इलाज की पात्रता और कैबिनेट के सभी 19 फैसलों का विस्तृत विवरण संबंधित सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।