Jio Platforms IPO Listing: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग का दिन बेहद खास रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में लिस्टिंग समारोह के दौरान उनके बेटे अनंत अंबानी ने जियो की सफलता और देश की जनता के योगदान का जिक्र किया। अनंत की स्पीच सुनकर मुकेश अंबानी भावुक हो गए। इस मौके पर अंबानी परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुए। इस तरह शेयर ने करीब 21.36% के प्रीमियम के साथ बाजार में शुरुआत की। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर लगभग ₹12.50 लाख करोड़ पहुंच गया, जिससे यह बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई।
अनंत अंबानी बोले- जियो को देश की जनता ने बनाया
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी ने कंपनी की सफलता को देश के लोगों के प्यार और आशीर्वाद से जोड़ते हुए कहा कि जियो की कामयाबी में भारत की जनता का सबसे बड़ा योगदान है।
उन्होंने कहा, “जियो को पूरे देश का आशीर्वाद मिला है। मां ने कहा ‘जियो मेरे लाल’, दादी ने कहा ‘जुग जुग जियो’ और दोस्तों ने कहा ‘जियो यार’।”
अनंत ने आगे कहा कि जियो को भारत की जनता ने बनाया है और देश के लोगों के सपनों को पूरा करना ही उनका असली सपना है।
उनकी इस भावुक स्पीच के दौरान मुकेश अंबानी की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में मौजूद परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के लिए भी यह एक खास पल रहा।
₹1,119 के इश्यू प्राइस से ₹1,358 पर हुई लिस्टिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुए।
- इश्यू प्राइस: ₹1,119 प्रति शेयर
- लिस्टिंग प्राइस: ₹1,358 प्रति शेयर
- लिस्टिंग प्रीमियम: लगभग 21.36%
- मार्केट कैप: करीब ₹12.50 लाख करोड़
लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार मूल्यांकन तेजी से बढ़ा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप करीब ₹16 लाख करोड़ और भारती एयरटेल का लगभग ₹12.20 लाख करोड़ बताया गया।
जियो के शेयर बेचें या लंबे समय तक रखें?
लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि शेयरों में मुनाफा वसूला जाए या उन्हें लंबे समय तक अपने पोर्टफोलियो में रखा जाए।
निवेशकों को फैसला लेने से पहले अपनी निवेश अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और कंपनी के मूल्यांकन पर विचार करना चाहिए।
- लिस्टिंग गेन वाले निवेशक: मुनाफा बुक करने या कुछ शेयर बेचने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।
- लंबी अवधि के निवेशक: कंपनी की आय, मुनाफे, नकदी प्रवाह और भविष्य की विकास योजनाओं का आकलन करके निर्णय ले सकते हैं।
- नए निवेशक: लिस्टिंग के बाद कीमत में उतार-चढ़ाव को देखते हुए जल्दबाजी से बचें।
कुछ बाजार विशेषज्ञों ने शेयर के ₹1,500 से ₹1,800 तक पहुंचने की संभावना जताई है। हालांकि, यह केवल अनुमान है, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
IPO को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 21 से 23 अक्टूबर के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
| निवेशक श्रेणी | सब्सक्रिप्शन |
|---|---|
| QIB यानी संस्थागत निवेशक | 70.55 गुना |
| NII यानी गैर-संस्थागत निवेशक | 14.00 गुना |
| खुदरा निवेशक | 2.72 गुना |
| कुल सब्सक्रिप्शन | 22.19 गुना |
संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत मांग इस आईपीओ की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रही।
100 अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले क्लब में जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स के मूल्यांकन को लेकर यह भी दावा किया गया कि कंपनी 100 अरब डॉलर से अधिक के बाजार मूल्यांकन वाली उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है, जिनका नेतृत्व उनके संस्थापक या संस्थापक परिवार से जुड़े लोग करते हैं।
हालांकि, इस दावे और मेटा, अलीबाबा तथा स्पेसएक्स के साथ इसकी तुलना के लिए संबंधित कंपनियों के मूल्यांकन और स्वामित्व संबंधी आंकड़ों की अलग से पुष्टि आवश्यक है।
रिलायंस ग्रुप ने टाटा समूह को पीछे छोड़ा?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद रिलायंस समूह की कुल बाजार पूंजी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- रिलायंस समूह: ₹28.9 लाख करोड़
- टाटा समूह: ₹25.6 लाख करोड़
- अडाणी समूह: ₹16.6 लाख करोड़
इन आंकड़ों के आधार पर रिलायंस समूह की कुल बाजार पूंजी टाटा समूह से करीब ₹3.3 लाख करोड़ अधिक बताई गई है।
हालांकि, अलग-अलग समूहों की कुल बाजार पूंजी की तुलना इस बात पर निर्भर करती है कि किन सूचीबद्ध कंपनियों को इसमें शामिल किया गया है और आंकड़े किस समय के हैं।
जियो की लिस्टिंग से बाजार में बढ़ी हलचल
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। एक ओर कंपनी के शेयरों ने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर शुरुआत की, वहीं दूसरी ओर अनंत अंबानी की स्पीच और मुकेश अंबानी की भावुक प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी।
अब निवेशकों की नजर कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन, आय में वृद्धि और शेयर की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव पर रहेगी।