Agniveer Service Extension: अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती अग्निवीरों के लिए सेवा अवधि बढ़ाने की तैयारी की खबर सामने आई है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, अग्निवीरों को चार साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बाद दो साल और सेवा करने का विकल्प मिल सकता है। यानी उन्हें कुल छह साल तक सेना में सेवा देने का अवसर मिल सकेगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की ओर से इस संबंध में जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस प्रस्ताव की पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
अपनी मर्जी से ले सकेंगे दो साल का एक्सटेंशन
प्रस्तावित व्यवस्था की सबसे अहम बात यह है कि दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार अनिवार्य नहीं होगा। अग्निवीर अपनी इच्छा और सहमति के आधार पर ही इस विकल्प को चुन सकेंगे। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद जो अग्निवीर आगे सेवा जारी रखना चाहेंगे, उन्हें अतिरिक्त दो साल का मौका दिया जा सकता है।
इस बदलाव को लेकर इसलिए भी चर्चा तेज है, क्योंकि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।
18,300 से ज्यादा अग्निवीरों की सेवा अवधि होगी पूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निपथ योजना के पहले बैच में थल सेना, वायुसेना और नौसेना को मिलाकर लगभग 24,400 अग्निवीर भर्ती किए गए थे। इनमें से 18,300 से अधिक अग्निवीरों का चार साल का सेवा कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने वाला था।
मौजूदा नियमों के अनुसार, प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। बाकी अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद कार्यमुक्त किया जाना था।
अब प्रस्तावित दो साल के स्वैच्छिक सेवा विस्तार से उन अग्निवीरों को अतिरिक्त अवसर मिल सकता है, जो सेना में अपनी सेवा जारी रखना चाहते हैं।
चयन और पात्रता को लेकर अभी इंतजार
दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार का विकल्प सामने आने के बाद अग्निवीरों के बीच कई सवाल भी हैं। मसलन, इस सुविधा का लाभ किन अग्निवीरों को मिलेगा? चयन किस आधार पर होगा? क्या सभी इच्छुक अग्निवीरों को यह मौका मिलेगा या इसके लिए अलग से पात्रता और चयन प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी?
फिलहाल इन सवालों के जवाब आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
जून 2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों को युवा बनाना और उनकी युद्धक क्षमता को मजबूत करना बताया गया था।
इस योजना के तहत थल सेना, वायुसेना और नौसेना में चार साल के कार्यकाल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है।
नियमित कैडर में चयनित अग्निवीरों को इसके बाद 15 साल तक सेवा करने का अवसर मिलता है। वहीं, शेष अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर कार्यमुक्त कर दिया जाता है।
तकनीकी और विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में मिल सकता है फायदा
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, थल सेना, वायुसेना और नौसेना में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर संतुष्टि जताई गई है। योजना के भविष्य और इसमें संभावित बदलावों पर पहले भी चर्चा होती रही है।
विशेष रूप से तकनीकी और विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित अग्निवीरों को अधिक समय तक सेवा में बनाए रखने पर विचार किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, दो साल के प्रस्तावित सेवा विस्तार से अग्निवीरों को सेना में छह साल तक काम करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, यह बदलाव कब और किन शर्तों के साथ लागू होगा, इसकी तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।