सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर स्थित नेहरू आर्ट गैलरी में भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-2 विभाग से सेवानिवृत्त छायाकार श्री कमलेश कुमार वर्मा की तीन दिवसीय एकल वन्यजीव छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन 22 अक्टूबर 2026 को संध्याकाल मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) श्री अनुराग उपाध्याय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी सहित संयंत्र के अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण, भिलाई आर्ट्स क्लब के सदस्यगण, इस्पात नगरी के अन्य वरिष्ठ कलाकार एवं चित्रकला प्रेमी तथा आम नागरिक उपस्थित थे।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य अतिथि श्री अनुराग उपाध्याय ने श्री कमलेश कुमार वर्मा द्वारा छायाचित्रों के माध्यम से वन्यजीवन के विविध पक्षों को प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक परिवेश की कलात्मक अभिव्यक्ति, प्रकृति की विविधता और सुंदरता को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती हैं। इन कृतियों में छायाकार की सूक्ष्म दृष्टि, धैर्य और विषय के प्रति गहरी रुचि परिलक्षित होती है।
प्रदर्शनी में श्री कमलेश कुमार वर्मा द्वारा खींचे गए वन्यजीवों के विविध छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इन छायाचित्रों के माध्यम से वन्यजीवों की प्राकृतिक सुंदरता, उनके व्यवहार तथा प्राकृतिक परिवेश के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है। यह तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन संध्या 5.30 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक आम जनता के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
नेहरू आर्ट गैलरी में जनसंपर्क विभाग द्वारा हाल ही में शुरू की गई पहल के तहत प्रदर्शनियों के दौरान युवा वाद्य संगीतकारों को लाइव वाद्य संगीत प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदर्शनी के दौरान कृष हिरवानी और साहिल चौकसे द्वारा मधुर संगीत वादन की प्रस्तुति दी जा रही है।
शालेय जीवन से ही साहित्य एवं कला के प्रति रुचि रखने वाले तथा साहित्य, पत्रकारिता एवं छायाचित्रण के क्षेत्र में सक्रिय श्री वर्मा की रचनाएँ और छायाचित्र विभिन्न समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। वे साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादकीय कार्यों से भी जुड़े रहे हैं तथा भिलाई इस्पात संयंत्र की पत्रिका ‘लागत–संवेदना’ के संपादक मंडल के सदस्य रहे हैं। छायाचित्रण के क्षेत्र में उनके कार्यों को राज्य एवं औद्योगिक स्तर पर पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित इको टूरिज्म फोटो प्रतियोगिता, 2002 में पुरस्कृत हुए। वहीं, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आयोजित फोटो प्रतियोगिता, 2009 में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। उनके छायाचित्र विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के आवरण पृष्ठों पर भी प्रकाशित हो चुके हैं।
यह प्रदर्शनी भिलाई के कला प्रेमियों, छायाचित्रण के शौकीनों, प्रकृति एवं वन्यजीव प्रेमियों तथा आम नागरिकों को यह छायाचित्र प्रदर्शनी, प्रकृति की विविधता, वन्यजीवों के व्यवहार तथा उनके प्राकृतिक आवास के विभिन्न पक्षों को समझने का अवसर प्रदान करती है।