भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के रजत जयंती ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर आयुष क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की शुरुआत के साथ विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा।
इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई है। देशभर में 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। इससे पहले यह दिवस धनतेरस यानी भगवान धन्वंतरि की जयंती के अवसर पर मनाया जाता था। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 में 23 सितंबर को हर साल राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने की अधिसूचना जारी की थी।
आयुर्वेद प्रदर्शनी में दिखेगी पारंपरिक चिकित्सा की झलक
भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य देखभाल, जीवनशैली और दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता से जुड़े विषयों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक करना है।
औषधीय पौधों का होगा रोपण
कार्यक्रम में औषधीय पौधों का पौधारोपण भी किया जाएगा। इसके माध्यम से औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण और स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के संबंध को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों में भी हर्बल गार्डन, पौधारोपण अभियान, शैक्षणिक संस्थानों में गतिविधियों और आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के तहत आयुर्वेद को शोध, प्रमाण आधारित चिकित्सा, नवाचार और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही आयुष सेवाओं की पहुंच अधिक लोगों तक बढ़ाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
भोपाल के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आयुष विभाग की सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से संबंधित योजनाओं और पहलों को भी सामने रखा जाएगा।