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पेनकिलर का बार-बार इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, पेट से लेकर किडनी तक पर असर

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सिरदर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव या जोड़ों के दर्द में तुरंत राहत के लिए पेनकिलर लेना आम बात है। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के भी दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। कभी-कभार उचित मात्रा में दवा लेना अलग बात है, लेकिन दर्द की दवाओं का बार-बार या लंबे समय तक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। खासतौर पर कुछ NSAIDs के लंबे समय तक इस्तेमाल से पेट और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है। यह खतरा व्यक्ति की उम्र, दवा की मात्रा, पहले से मौजूद बीमारियों और अन्य दवाओं के सेवन पर भी निर्भर करता है।

पेट में बढ़ सकता है अल्सर और ब्लीडिंग का खतरा
कुछ NSAIDs पेट की सुरक्षा करने वाली अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकती हैं। इनके लंबे समय तक या अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन, दर्द, अल्सर और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यदि दवा लेने के बाद तेज या लगातार पेट दर्द हो, उल्टी में खून आए या मल का रंग काला दिखाई दे, तो तत्काल चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

किडनी को भी हो सकता है नुकसान
कुछ दर्द निवारक दवाएं किडनी में रक्त के प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं। अधिक मात्रा या लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का जोखिम बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्या है, उन्हें ऐसी दवाएं लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना विशेष रूप से जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर भी कुछ NSAIDs का जोखिम बढ़ सकता है।

हर तरह के दर्द के लिए एक ही दवा सही नहीं
सिरदर्द, दांत दर्द, चोट, मांसपेशियों का दर्द और जोड़ों की तकलीफ के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए बार-बार एक ही पेनकिलर लेना सही तरीका नहीं माना जाता। यदि दर्द लगातार बना रहे या बार-बार वापस आए तो उसके वास्तविक कारण की जांच कराना जरूरी है। दर्द किसी सूजन, चोट, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।

पेनकिलर लेते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
दर्द की दवा डॉक्टर की सलाह और निर्धारित मात्रा के अनुसार लेना बेहतर है। ऐसी कई दवाएं एक साथ लेने से बचें जिनमें एक ही सक्रिय घटक मौजूद हो। यदि आप पहले से कोई दूसरी दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें। बुजुर्गों तथा किडनी, लिवर, पेट या हृदय से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को खासतौर पर बिना चिकित्सकीय सलाह के पेनकिलर लेने से बचना चाहिए। दर्द दवा लेने के बावजूद ठीक न हो या लगातार बना रहे, तो खुद से दवा की खुराक बढ़ाने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना अधिक सुरक्षित है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी बीमारी, दवा या उपचार के संबंध में निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

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