आंध्र प्रदेश में लगातार दूसरे चक्रवाती तूफान ने दस्तक देकर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले सप्ताह चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद अब गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने राज्य के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। मंगलवार तड़के तूफान ने ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट को पार किया। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि हवा के तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
ओंगोल के पास तड़के हुआ लैंडफॉल
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात मुरासु ने मंगलवार सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास लैंडफॉल पूरा किया। तूफान के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। कई निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग के रडार से तूफान की लगातार निगरानी की जा रही है।
कोथापटनम में 164 MM से ज्यादा बारिश
चक्रवात का सबसे ज्यादा असर बापटला और प्रकाशम जिले में देखने को मिला। प्रकाशम जिले के कोथापटनम बीच क्षेत्र में 164.25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं एनजी पाडु में 114.19 मिलीमीटर और बापटला के चिराला में 99.59 मिलीमीटर बारिश हुई। भारी बारिश के चलते नेशनल हाईवे पर पानी भर गया और कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़कों पर जलभराव और कम दृश्यता ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
6 जिलों में रेड अलर्ट, अगले चार दिन भारी बारिश की चेतावनी
लैंडफॉल के बाद चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और डीप डिप्रेशन में बदल रहा है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग ने कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, मरकापुरम और प्रकाशम समेत छह जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाने और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
7 ट्रेनें रद्द, 4 के रूट बदले, उड़ानें भी प्रभावित
चक्रवात का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सात ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि चार ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं। पिनाकिनी एक्सप्रेस के समय में भी दो घंटे का बदलाव किया गया है। विजयवाड़ा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
अमित शाह ने CM चंद्रबाबू नायडू से की बात
चक्रवात से पैदा हुए हालात को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उन्हें दोनों चक्रवातों से फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने केंद्र सरकार से पर्याप्त आर्थिक सहायता की मांग भी की।
अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में आंध्र प्रदेश के साथ मजबूती से खड़ी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
फिलहाल चक्रवात की रफ्तार भले ही कमजोर पड़ रही है, लेकिन भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बरकरार है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।