Meta Pixel

Hand Hygiene Tips: हाथ साफ रखने की 5 जरूरी आदतें, कीटाणुओं से बचाव के साथ त्वचा का भी रखें ध्यान

Spread the love

मोबाइल, दरवाजों के हैंडल और पैसों को छूने से हाथों पर पहुंच सकते हैं कीटाणु; जानिए हाथ धोने का सही तरीका और रूखी त्वचा से बचने के उपाय

हेल्थ डेस्क। दिनभर हम मोबाइल फोन, दरवाजों के हैंडल, पैसे और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद कई चीजों को छूते हैं। इनके संपर्क में आने से हाथों पर गंदगी और कीटाणु पहुंच सकते हैं। अगर बिना हाथ धोए खाना खाया जाए या आंख, नाक और मुंह को छुआ जाए, तो संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में हाथों की सफाई केवल व्यक्तिगत स्वच्छता ही नहीं, बल्कि बीमारियों से बचाव की एक महत्वपूर्ण आदत भी है।

खाना बनाने और खाने से पहले, शौचालय के इस्तेमाल के बाद तथा खांसने या छींकने के बाद हाथ धोना विशेष रूप से जरूरी है। सही तरीके से हाथ धोने के साथ नाखूनों की सफाई और त्वचा की देखभाल पर भी ध्यान देना चाहिए।

1. साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं हाथ

हाथों को केवल पानी से धोना हर स्थिति में पर्याप्त नहीं होता। साबुन और साफ बहते पानी से हाथों की अच्छी तरह सफाई करना बेहतर है।

हाथ धोते समय हथेलियों, हाथों के पिछले हिस्से, उंगलियों के बीच, अंगूठों और नाखूनों के आसपास साबुन लगाकर रगड़ें। इस प्रक्रिया में कम से कम 20 सेकंड लगाएं। इसके बाद साफ पानी से हाथ धोकर साफ तौलिए से सुखा लें।

खास बात यह है कि हाथों की सफाई में जल्दबाजी न करें। उंगलियों के बीच और अंगूठे के आसपास की जगह अक्सर छूट जाती है।

2. नीम-तुलसी वाले हैंडवॉश चुनते समय रखें सावधानी

बाजार में नीम और तुलसी जैसे पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले पौधों के अर्क वाले कई हैंडवॉश उपलब्ध हैं। हालांकि, केवल किसी प्राकृतिक सामग्री का नाम देखकर उत्पाद को अधिक प्रभावी या सुरक्षित नहीं मानना चाहिए।

हैंडवॉश चुनते समय उसकी गुणवत्ता, सामग्री और त्वचा के अनुकूल होने पर ध्यान दें। यदि किसी उत्पाद से खुजली, लालिमा या जलन होती है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। सामान्य हाथों की सफाई के लिए साधारण साबुन और पानी भी प्रभावी विकल्प हैं।

3. बहुत गर्म पानी से बार-बार हाथ न धोएं

हाथों की सफाई के लिए बहुत गर्म पानी की जरूरत नहीं होती। गुनगुने या सामान्य तापमान के पानी से भी साबुन के साथ हाथ अच्छी तरह साफ किए जा सकते हैं।

बार-बार हाथ धोने, गर्म पानी और कठोर साबुन के इस्तेमाल से त्वचा का प्राकृतिक नमी संतुलन प्रभावित हो सकता है। इससे हाथ रूखे, खुरदरे या संवेदनशील हो सकते हैं।

हाथ धोने के बाद त्वचा में खिंचाव या रूखापन महसूस हो, तो खुशबू रहित मॉइस्चराइजर लगाएं। इससे त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

4. नाखूनों की सफाई को न करें नजरअंदाज

हाथ साफ रखने के लिए नाखूनों की देखभाल भी जरूरी है। नाखूनों के नीचे गंदगी जमा हो सकती है, इसलिए उन्हें नियमित रूप से काटकर साफ रखें।

हाथ धोते समय नाखूनों के आसपास और उनके नीचे की सफाई पर ध्यान दें। खासकर खाना बनाने से पहले नाखूनों को साफ रखना महत्वपूर्ण है। नाखूनों के नीचे की गंदगी निकालने के लिए नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे त्वचा को चोट लग सकती है।

5. बाहर जाते समय हैंड सैनिटाइजर रखें साथ

जब साबुन और पानी उपलब्ध न हों, तब कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर उपयोगी हो सकता है। इसे हथेलियों, हाथों के पीछे और उंगलियों के बीच अच्छी तरह लगाएं। हाथ पूरी तरह सूखने तक रगड़ते रहें।

हालांकि, यदि हाथों पर मिट्टी, चिकनाई या दिखाई देने वाली गंदगी लगी हो, तो साबुन और पानी से हाथ धोना बेहतर है। सैनिटाइजर को आग और गर्मी के स्रोतों से दूर रखें तथा बच्चों की पहुंच से बाहर रखें।

बार-बार हाथ धोने से त्वचा हो रही है रूखी? अपनाएं ये उपाय

हाथ धोना जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों को बार-बार सफाई करने से त्वचा में रूखापन, खुजली या जलन की परेशानी हो सकती है। ऐसे में ये सावधानियां मददगार हो सकती हैं:

  • हाथ धोने के बाद साफ तौलिए से धीरे-धीरे सुखाएं।
  • हाथों पर मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाएं, खासकर हर बार हाथ धोने के बाद।
  • तेज खुशबू या जलन पैदा करने वाले उत्पादों से बचें।
  • सफाई के दौरान तेज रसायनों के संपर्क से बचने के लिए उपयुक्त दस्ताने पहनें।
  • लगातार लालिमा, खुजली, दरारें या जलन बनी रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

छोटी आदत, बड़ा फायदा

हाथ धोने की सही आदत कई तरह के कीटाणुओं के फैलाव को रोकने में मदद करती है। इसके लिए महंगे उत्पादों की जरूरत नहीं, बल्कि सही समय पर साबुन और पानी से हाथ धोना, नाखून साफ रखना और त्वचा की नमी बनाए रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य-जागरूकता के उद्देश्य से है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। त्वचा पर लगातार जलन, खुजली, लालिमा या दरारें होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *