बच्चों की लंबाई को लेकर हर माता-पिता के मन में कई सवाल रहते हैं। आम धारणा है कि बच्चे की हाइट केवल जेनेटिक्स यानी माता-पिता से मिले जीन पर निर्भर करती है। हालांकि, बच्चे की ग्रोथ में पोषण, नींद, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 यानी NFHS-5 के अनुसार, भारत में 5 साल से कम उम्र के लगभग 35.5 प्रतिशत बच्चे उम्र के हिसाब से कम लंबाई वाले हैं। यानी हर 10 में करीब 4 बच्चों की हाइट उनकी उम्र के अनुपात में कम है।
ऐसे में बच्चों की लंबाई बढ़ने के पीछे का विज्ञान समझना जरूरी है। आइए जानते हैं कि हाइट ग्रोथ किन चीजों पर निर्भर करती है, कौन-से पोषक तत्व जरूरी हैं और किन संकेतों पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
बच्चों की हाइट किन चीजों पर निर्भर करती है?
बच्चे की लंबाई बढ़ने में कई फैक्टर्स का योगदान होता है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—
- जेनेटिक्स यानी माता-पिता से मिले जीन
- संतुलित और पौष्टिक आहार
- पर्याप्त नींद
- नियमित शारीरिक गतिविधि
- हार्मोनल बैलेंस
- बच्चे की ओवरऑल हेल्थ
- किसी बीमारी या पोषण की कमी की स्थिति
इन सभी चीजों का बच्चे की ग्रोथ पर अलग-अलग असर पड़ सकता है।
हाइट बढ़ाने में जेनेटिक्स का कितना रोल है?
बच्चे की लंबाई तय करने में जेनेटिक्स की अहम भूमिका होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति की हाइट का लगभग 60 से 80 प्रतिशत हिस्सा जेनेटिक फैक्टर्स से प्रभावित हो सकता है।
माता-पिता से मिले हजारों जीन यह तय करने में भूमिका निभाते हैं कि हड्डियों की ग्रोथ कैसी होगी, ग्रोथ प्लेट्स कितने समय तक सक्रिय रहेंगी और शरीर की लंबाई किस गति से बढ़ेगी।
इसी वजह से लंबे माता-पिता के बच्चों की हाइट अक्सर अधिक और कम लंबाई वाले माता-पिता के बच्चों की हाइट अपेक्षाकृत कम हो सकती है। हालांकि, बाकी 20 से 40 प्रतिशत प्रभाव पोषण, वातावरण, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य जैसे कारकों का भी हो सकता है।
बच्चों की हाइट बढ़ने की सही उम्र क्या है?
बच्चों की लंबाई बचपन से किशोरावस्था तक बढ़ती रहती है। हालांकि, सबसे तेज ग्रोथ आमतौर पर प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था के दौरान होती है।
- लड़कियों में तेजी से हाइट बढ़ने का दौर अक्सर 9 से 15 साल के बीच देखा जाता है।
- लड़कों में ग्रोथ स्पर्ट आमतौर पर 12 से 17 साल के बीच आता है।
- इस दौरान बच्चे की लंबाई हर साल औसतन 3 से 4 इंच तक बढ़ सकती है।
हर बच्चे की ग्रोथ की गति अलग होती है। इसलिए सभी बच्चों की लंबाई एक ही उम्र में समान नहीं बढ़ती।
क्या प्यूबर्टी के बाद हाइट बढ़ना बंद हो जाती है?
प्यूबर्टी के बाद हड्डियों की ग्रोथ प्लेट्स धीरे-धीरे सख्त होकर आपस में जुड़ने लगती हैं। एक बार ग्रोथ प्लेट्स बंद हो जाएं, तो लंबाई बढ़ना लगभग बंद हो जाता है।
लड़कियों में पीरियड्स शुरू होने के बाद भी कुछ लंबाई बढ़ सकती है, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार आमतौर पर धीमी हो जाती है। ज्यादातर मामलों में लड़कियां 14 से 16 साल और लड़के 16 से 18 साल तक अपनी अंतिम लंबाई के करीब पहुंच सकते हैं। हालांकि, यह उम्र हर बच्चे में अलग हो सकती है।
हाइट ग्रोथ के लिए कौन-से पोषक तत्व जरूरी हैं?
बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। पोषण की कमी से केवल लंबाई ही नहीं, बल्कि बच्चे के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास पर भी असर पड़ सकता है।
प्रोटीन
प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों और शरीर के नए सेल्स के निर्माण में मदद करता है। यह शरीर की ग्रोथ और टिश्यू रिपेयर के लिए जरूरी पोषक तत्व है।
कैल्शियम और विटामिन D
कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वहीं, विटामिन D शरीर में कैल्शियम के सही अवशोषण के लिए जरूरी है। इनकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
आयरन
आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसकी कमी से एनीमिया, कमजोरी, थकान और भूख कम लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका असर बच्चे की ओवरऑल ग्रोथ पर भी पड़ सकता है।
बच्चों की डाइट में क्या शामिल करें?
बच्चों को सभी जरूरी पोषक तत्व देने के लिए उनकी डाइट में अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थ शामिल करें। जैसे—
- दालें और अन्य दलहन
- दूध, दही और पनीर
- राजमा और सोयाबीन
- मौसमी फल
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- रागी और साबुत अनाज
- ड्राई फ्रूट्स
- पर्याप्त पानी
शाकाहारी बच्चों के लिए दाल, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, रागी, फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
हालांकि, कोई एक फूड, पाउडर, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खा बच्चे की लंबाई बढ़ाने की गारंटी नहीं देता।
बच्चों को किन चीजों से बचाना चाहिए?
बच्चों की डाइट में जंक फूड, ज्यादा चीनी और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड की मात्रा सीमित रखनी चाहिए। इनका अधिक सेवन बच्चे की ओवरऑल हेल्थ और पोषण पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
बच्चों को संतुलित आहार देना जरूरी है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों।
क्या एक्सरसाइज करने से हाइट बढ़ती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी एक्सरसाइज सीधे तौर पर लंबाई बढ़ाने की गारंटी नहीं देती। कुछ माता-पिता बच्चों की हाइट बढ़ाने के लिए उन्हें जबरदस्ती एक्सरसाइज करवाते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है।
हालांकि, शारीरिक गतिविधि बच्चों की हड्डियों, मांसपेशियों, फिटनेस और ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार ये गतिविधियां कराई जा सकती हैं—
- रनिंग और जॉगिंग
- स्विमिंग
- साइकिलिंग
- रस्सी कूदना
- योग और हल्की स्ट्रेचिंग
- आउटडोर गेम्स
- बास्केटबॉल
- हैंगिंग एक्सरसाइज
इन गतिविधियों से फिटनेस और शरीर का विकास बेहतर हो सकता है, लेकिन इन्हें हाइट बढ़ाने का निश्चित उपाय नहीं माना जाना चाहिए।
बच्चों की हाइट से जुड़े आम मिथक
मिथक 1: हाइट केवल जेनेटिक्स से तय होती है
सच्चाई: जेनेटिक्स महत्वपूर्ण है, लेकिन पोषण, नींद, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य भी बच्चे की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं।
मिथक 2: दवा या पाउडर लेने से लंबाई बढ़ जाती है
सच्चाई: अगर ग्रोथ प्लेट्स बंद हो चुकी हैं, तो कोई दवा, पाउडर, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खा लंबाई नहीं बढ़ा सकता।
मिथक 3: रोज लटकने से हाइट बढ़ती है
सच्चाई: लटकने से शरीर की स्ट्रेचिंग और फिटनेस में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे लंबाई बढ़ने का कोई पक्का प्रमाण नहीं है।
मिथक 4: ज्यादा खाना खाने से हाइट ज्यादा बढ़ती है
सच्चाई: ज्यादा खाना नहीं, बल्कि संतुलित और पौष्टिक आहार जरूरी है। जरूरत से ज्यादा खाना मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
क्या मोटापे से बच्चों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है?
बच्चों में ज्यादा वजन होने से हार्मोनल बैलेंस प्रभावित हो सकता है। इसके कारण ओवरऑल ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। मोटापे से कुछ बच्चों में प्यूबर्टी जल्दी शुरू होने का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिससे हड्डियों की ग्रोथ का समय कम हो सकता है।
इसलिए बच्चों के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखना जरूरी है।
किन संकेतों पर डॉक्टर से सलाह लें?
अगर बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से काफी कम है या लंबे समय तक उसकी ग्रोथ धीमी बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
इन स्थितियों में चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है—
- बच्चे की हाइट उम्र के हिसाब से बहुत कम हो।
- कई महीनों तक लंबाई में खास बढ़ोतरी न हो।
- बच्चा अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में लगातार छोटा रह रहा हो।
- वजन और लंबाई दोनों में ग्रोथ धीमी हो।
- प्यूबर्टी के संकेत सामान्य उम्र के आसपास दिखाई न दें।
- बच्चे को लगातार कमजोरी, भूख की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हों।
डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ग्रोथ चार्ट, पोषण, हार्मोन और अन्य स्वास्थ्य पहलुओं की जांच कर सकते हैं।
क्या बाजार में मिलने वाली हाइट बढ़ाने की दवाएं काम करती हैं?
बाजार में मिलने वाली हाइट बढ़ाने वाली दवाओं, पाउडर और सप्लीमेंट्स के प्रभाव का ठोस प्रमाण नहीं है। बिना डॉक्टर की सलाह के इनका इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है।
बच्चे की लंबाई को लेकर चिंता होने पर किसी विज्ञापन या घरेलू नुस्खे पर भरोसा करने के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। बच्चे की ग्रोथ, हाइट या हार्मोन से जुड़ी किसी भी चिंता की स्थिति में डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें।