Chhattisgarh Paddy Procurement 2026: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले किसानों के लिए नई व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। इस बार धान बेचने के दौरान किसान या उसके अधिकृत नॉमिनी का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। केवल OTP के माध्यम से सत्यापन कर धान बेचने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा, टोकन में दर्ज धान की मात्रा को लेकर भी नियम निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में किसानों को धान खरीदी केंद्र पहुंचने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने की सलाह दी गई है।
फिंगरप्रिंट से होगा किसान का सत्यापन
नई व्यवस्था के तहत धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की पहचान फिंगरप्रिंट के जरिए सत्यापित की जाएगी। यदि कोई किसान किसी कारणवश स्वयं खरीदी केंद्र नहीं पहुंच पाता है, तो वह अपने अधिकृत नॉमिनी के माध्यम से धान बेच सकेगा। हालांकि, इसके लिए नॉमिनी का बायोमेट्रिक सत्यापन भी जरूरी होगा।
किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधिकृत नॉमिनी का विवरण संबंधित सहकारी समिति के रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज हो। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगी।
धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य
इस खरीफ विपणन सीजन में धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन को अनिवार्य किया गया है। किसानों को संबंधित पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी। इसमें किसान के व्यक्तिगत विवरण के साथ खेती की जमीन से संबंधित जानकारी भी शामिल होगी।
एग्रीस्टैक पंजीयन के माध्यम से किसानों और उनकी कृषि भूमि का रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी। ऐसे में किसानों को समय रहते अपना पंजीयन पूरा कर लेना चाहिए, ताकि धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी
सरकार की ओर से धान खरीदी के लिए प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल की सीमा निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार, पंजीकृत किसान अपनी पंजीकृत कृषि भूमि के रकबे के आधार पर निर्धारित सीमा तक धान बेच सकेंगे।
दी गई जानकारी के मुताबिक, धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। हालांकि, किसानों को खरीदी के दौरान लागू दरों और पात्रता संबंधी नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए।
एक से अधिक टोकन मिलने पर बराबर बांटी जाएगी धान की मात्रा
धान खरीदी के लिए जारी होने वाले टोकन में दर्ज मात्रा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश सामने आए हैं। यदि किसी किसान को धान बेचने के लिए एक से अधिक टोकन जारी किए जाते हैं, तो प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा बराबर रखी जाएगी।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी किसान को 120 क्विंटल धान बेचने के लिए दो टोकन जारी होते हैं, तो दोनों टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज होगा। इसी तरह, 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा निर्धारित होगी।
टोकन से कम धान लाने पर हो सकती है परेशानी
किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान खरीदी केंद्र में उपज ले जाने की तैयारी करनी चाहिए। दी गई जानकारी के अनुसार, यदि किसान टोकन में निर्धारित मात्रा से कम धान लेकर पहुंचता है, तो बची हुई मात्रा निरस्त हो सकती है। इसे अगले टोकन में जोड़ने की सुविधा नहीं मिलने की बात भी कही गई है।
इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे टोकन में दर्ज मात्रा, पंजीयन संबंधी विवरण और नॉमिनी की जानकारी पहले ही जांच लें। धान खरीदी से जुड़े नियमों में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए संबंधित सहकारी समिति या कृषि विभाग से नवीनतम आधिकारिक जानकारी प्राप्त करना भी जरूरी है।