सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में इलाज कराने पहुंची एक महिला के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि घर में क्लीनिक चलाने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर ने जांच के बहाने उसके निजी अंगों को गलत नीयत से छुआ। घटना के दौरान आरोपी ने महिला के पति को पर्दे की आड़ में अलग बैठा दिया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामला बाराद्वार थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव का है। आरोपी की पहचान 45 वर्षीय प्रदीप देवांगन के रूप में हुई है, जो अपने घर में ही क्लीनिक चलाता था।
सिरदर्द और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची थी महिला
पुलिस के अनुसार, महिला 27 अक्टूबर की सुबह से सिरदर्द से परेशान थी। उसने अपने पति को इसकी जानकारी दी। उसी दिन शाम करीब 7 बजे पति उसे इलाज के लिए प्रदीप देवांगन के क्लीनिक पर लेकर पहुंचा।
महिला के आरोप के मुताबिक, क्लीनिक पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उसके पति को पर्दे की आड़ में अलग बैठने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने सिरदर्द की वजह गैस बताते हुए पेट की जांच करने की बात कही और महिला को टेबल पर लेटने के लिए कहा।
जांच के बहाने गलत तरीके से छूने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि पेट की जांच करने के बहाने आरोपी ने उसके निजी अंगों को गलत नीयत से छुआ। डॉक्टर की इस हरकत से महिला परेशान हो गई और उसने अपने पति को पूरी घटना बताई।
इसके बाद महिला और उसके पति ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया। पीड़िता ने 28 अक्टूबर को बाराद्वार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 407/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
शिकायत के 8 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए शिकायत दर्ज होने के करीब आठ घंटे के भीतर आरोपी प्रदीप देवांगन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचने वाली महिला के साथ कथित अश्लील हरकत के इस मामले ने चिकित्सा पेशे में मरीजों की सुरक्षा और भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।