Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे दिन सुबह 11 बजे तक इश्यू 3.50 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा मांग दर्ज की गई, जबकि रिटेल निवेशकों का कोटा भी पूरी तरह भर गया। आईपीओ में आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर बताई गई है।
दूसरे दिन तक 3.50 गुना सब्सक्रिप्शन
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 69.08 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। निवेशक श्रेणियों के हिसाब से सब्सक्रिप्शन की स्थिति इस प्रकार बताई गई है:
- संस्थागत निवेशक: 9.42 गुना
- गैर-संस्थागत निवेशक: 2.42 गुना
- रिटेल निवेशक: 1.02 गुना
आईपीओ के पहले दिन, 21 अक्टूबर को भी इश्यू को 3.02 गुना सब्सक्रिप्शन मिलने की जानकारी दी गई थी। दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के कारण कुल सब्सक्रिप्शन बढ़कर 3.50 गुना पहुंच गया।
₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना में है। खबर के मुताबिक, इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटाए जा चुके थे। इसके बाद शेष इश्यू पर आम निवेशकों और अन्य पात्र निवेशक श्रेणियों की ओर से बोलियां लगाई जा रही हैं।
आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, खुदरा निवेशकों को न्यूनतम आवेदन के लिए ₹13,428 की जरूरत होगी। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन करने पर करीब ₹1.87 लाख का निवेश करना होगा।
ग्रे मार्केट में ₹258 का प्रीमियम, ₹1,377 की लिस्टिंग का अनुमान
आईपीओ से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹258 प्रति शेयर यानी अपर प्राइस बैंड के मुकाबले लगभग 23% बताया जा रहा है।
यदि ₹1,119 के अपर प्राइस बैंड में ₹258 का GMP जोड़ें, तो अनुमानित कीमत ₹1,377 प्रति शेयर बनती है। हालांकि, यह केवल ग्रे मार्केट पर आधारित संकेत है, लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग के आधार पर अलग हो सकती है। GMP अनौपचारिक बाजार से जुड़ा संकेतक है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
आईपीओ से मिली रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
दी गई जानकारी के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त राशि का इस्तेमाल प्रमुख सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% होने का अनुमान बताया गया है। वहीं, सार्वजनिक शेयरधारिता 33.57% से बढ़कर 35.52% हो सकती है।
क्या होता है एंकर निवेशक कोटा?
एंकर बुक आईपीओ खुलने से पहले बड़े संस्थागत निवेशकों को शेयर आवंटित करने की व्यवस्था है। इसमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य पात्र संस्थागत निवेशक शामिल हो सकते हैं।
एंकर निवेशकों की भागीदारी से बाजार को इश्यू के प्रति संस्थागत मांग का संकेत मिलता है, लेकिन इसे भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने या मुनाफा होने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है अहम बात?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिले मजबूत सब्सक्रिप्शन और चर्चा में चल रहे GMP ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। फिर भी केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों या ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज, वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।
महत्वपूर्ण नोट: यह लेख उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। सब्सक्रिप्शन, प्राइस बैंड, आवेदन राशि और इश्यू की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक एक्सचेंज या कंपनी के दस्तावेजों से करें। ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक है और लिस्टिंग मूल्य का विश्वसनीय आश्वासन नहीं देता।