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Leg Cramps: रात में पैरों में अचानक ऐंठन क्यों होती है? जानिए कारण, तुरंत राहत और कब डॉक्टर को दिखाएं

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Leg Cramps: रात में सोते वक्त अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव और दर्द होना काफी परेशान करने वाला अनुभव हो सकता है। कुछ लोगों को यह समस्या कभी-कभार होती है, जबकि कुछ लोगों में बार-बार पैरों में क्रैम्प पड़ सकते हैं।

पैरों में ऐंठन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पानी की कमी, ज्यादा शारीरिक मेहनत, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहना और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन शामिल हैं। हालांकि हर बार पैरों में क्रैम्प को केवल किसी विटामिन या मिनरल की कमी से जोड़ना सही नहीं माना जाता।

मैग्नीशियम की कमी भी हो सकती है कारण

मैग्नीशियम मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन की शिकायत हो सकती है।

मैग्नीशियम की जरूरत पूरी करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीज, मेवे और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। केवल क्रैम्प होने के आधार पर डॉक्टर की सलाह के बिना मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

पोटैशियम और कैल्शियम भी जरूरी

मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में पोटैशियम की अहम भूमिका होती है। शरीर में इसका स्तर बहुत कम या बहुत अधिक होने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

वहीं, कैल्शियम मांसपेशियों के संकुचन और तंत्रिका संकेतों के लिए आवश्यक है। इसलिए भोजन में दूध-दही, दालें, हरी सब्जियां, तिल, केला और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

शरीर में पानी की कमी से भी हो सकती है ऐंठन

गर्मी में ज्यादा पसीना निकलना, एक्सरसाइज के दौरान अत्यधिक पसीना आना या पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीना भी कुछ लोगों में पैरों के क्रैम्प की वजह बन सकता है।

डिहाइड्रेशन की स्थिति में शरीर के तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। ज्यादा पसीना निकलने वाली गतिविधियों के दौरान शरीर की जरूरत के अनुसार तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति पर भी ध्यान देना चाहिए।

पैर में अचानक क्रैम्प पड़े तो क्या करें?

अगर अचानक पैर में ऐंठन हो जाए तो प्रभावित मांसपेशी को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें। हल्की मालिश भी की जा सकती है। मांसपेशी पर अचानक जोर लगाने के बजाय धीरे-धीरे खिंचाव देना बेहतर रहता है।

यदि एक्सरसाइज के दौरान बार-बार क्रैम्प पड़ते हैं, तो व्यायाम शुरू करने से पहले वार्मअप और एक्सरसाइज खत्म करने के बाद हल्की स्ट्रेचिंग करना मददगार हो सकता है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर पैरों में ऐंठन बार-बार होती है और इसकी वजह से नींद प्रभावित हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। खासतौर पर सूजन, कमजोरी, सुन्नपन, त्वचा के रंग में बदलाव या लगातार दर्द जैसे लक्षणों के साथ क्रैम्प हो तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

कुछ दवाओं और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों की वजह से भी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इसलिए बार-बार क्रैम्प होने पर बिना जांच के किसी विटामिन या मिनरल की कमी मानकर सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय डॉक्टर से उचित सलाह लेना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। लगातार या गंभीर समस्या होने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।

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