अस्ताना। भारतीय महिला पहलवान मनीषा भानवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित प्रतियोगिता के 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मनीषा ने अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेट को 8-6 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला वर्ग में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली पहलवान बन गईं।
मनीषा की यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि मुकाबले की शुरुआत में वह काफी पिछड़ गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख ही बदल दिया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
0-6 से पिछड़ने के बाद पलट दिया मुकाबला
फाइनल में मनीषा भानवाला के सामने अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट की चुनौती थी। मुकाबले के शुरुआती दौर में अमेरिकी पहलवान ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 6-0 की बढ़त हासिल कर ली। एक समय मनीषा के लिए वापसी करना मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपना पूरा दम लगा दिया।
मनीषा ने बेहतरीन रणनीति और शानदार दांव-पेंच के दम पर लगातार अंक जुटाए। देखते ही देखते उन्होंने छह अंकों की बढ़त को खत्म कर दिया और 8-6 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। आखिरी क्षणों तक चले इस रोमांचक मुकाबले में उनकी जीत ने भारतीय खेल प्रेमियों को जश्न मनाने का मौका दे दिया।
भारतीय महिला कुश्ती का वर्षों पुराना इंतजार खत्म
सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने पहले भी शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन गोल्ड मेडल तक पहुंचने का इंतजार लंबे समय से बना हुआ था।
वर्ष 2021 में अंशु मलिक ने फाइनल में जगह बनाकर सिल्वर मेडल जीता था। इस प्रतियोगिता में काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने भी फाइनल तक पहुंचकर रजत पदक हासिल किए। अब मनीषा भानवाला ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय महिला कुश्ती के लिए नई उपलब्धि दर्ज कर दी है।
भारतीय महिला पहलवानों ने जीते चार पदक
इस चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक अपने नाम किए।
- मनीषा भानवाला: गोल्ड मेडल, 59 किलोग्राम वर्ग
- काजल ढोचक: सिल्वर मेडल
- नीलम सिरोही: सिल्वर मेडल
- तनु शर्मा: ब्रॉन्ज मेडल, 72 किलोग्राम वर्ग
महिला पहलवानों के इस प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय कुश्ती की ताकत का प्रदर्शन किया। मनीषा का स्वर्ण पदक इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरा।
पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में भारतीय पहलवानों को निराशा
महिला पहलवानों की सफलता के बीच पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत को निराशा का सामना करना पड़ा। 97 किलोग्राम वर्ग के रेपेचेज मुकाबले में विक्की हुड्डा को ईरान के पहलवान हसन यजदानी के खिलाफ 0-10 से हार झेलनी पड़ी। यह मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर समाप्त हुआ।
इसके अलावा 61, 70, 86 और 125 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेने वाले अन्य भारतीय पहलवान भी प्रतियोगिता में आगे नहीं बढ़ सके।
हालांकि, पुरुष वर्ग के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद मनीषा भानवाला की ऐतिहासिक जीत भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि बन गई। छह अंकों से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतना उनके संघर्ष, आत्मविश्वास और जुझारूपन की मिसाल है। मनीषा का यह गोल्ड आने वाली पीढ़ियों की महिला पहलवानों के लिए प्रेरणा बनेगा।