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आन्या 3.0 की सीख को कार्यस्थल तक पहुंचाने जेएलएनएचआरसी में माइक्रो लर्निंग सत्र आयोजित

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भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी) में आन्या 3.0 महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम के सफल समापन के पश्चात विभागीय स्तर पर प्रथम माइक्रो लर्निंग सत्र का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-एलएंडडी) श्री संजीव श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सेल के प्रमुख महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम आन्या का उद्देश्य चयनित महिला अधिकारियों में नेतृत्व क्षमता का विकास करते हुए विविधता एवं समावेशन को महत्व देने वाले सक्षम कार्य वातावरण को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए जेएलएनएचआरसी में आयोजित इस सत्र के माध्यम से नेतृत्व विकास की सीख को मरीजों की देखभाल से जुड़े कार्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

इस माइक्रो लर्निंग सत्र की संकल्पना एवं संचालन आन्या 3.0 की मुख्य सलाहकार एवं जेएलएनएचआरसी के शिशु रोग एवं नवजात विज्ञान विभाग की मुख्य सलाहकार डॉ. माला चौधरी द्वारा किया गया। उन्होंने आन्या की संकाय सदस्य के रूप में नेतृत्व को व्यवहार में उतारने की भावना के अनुरूप इस पहल को आगे बढ़ाया।  

इस अवसर पर श्री संजीव श्रीवास्तव ने नेतृत्व विकास को निरंतर बनाए रखने की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र की इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से सीखने की प्रक्रिया का प्रभाव व्यापक स्तर तक पहुंचाने तथा नेतृत्व विकास को संगठन के विभिन्न स्तरों तक ले जाने में सहायता मिलेगी। इससे संगठनात्मक उत्कृष्टता के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी योगदान मिलेगा।

‘मानव दुग्ध दान के लिए नर्स प्रतिभागियों को सशक्त बनाना – जागरूकता से कार्रवाई तक’ विषय पर आयोजित इस सत्र में जेएलएनएचआरसी की 20 कार्यपालक एवं गैर-कार्यपालक नर्सों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के दौरान मानव दुग्ध दाताओं की पहचान, उन्हें प्रोत्साहित करने तथा निरंतर जोड़कर रखने के संबंध में आवश्यक जानकारी, परामर्श कौशल एवं समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। नर्सों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षा में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में आन्या 1.0 बैच की उप महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्रीमती शबनम एवं उप महाप्रबंधक (कॉन्ट्रैक्ट सेल, वर्क्स एवं बजटिंग विभाग) श्रीमती ललिता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने अपने नेतृत्व विकास के अनुभव साझा करते हुए नर्स प्रतिभागियों को अपनी कार्यभूमिका में नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा अपने दायित्वों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस सत्र का समन्वय उप प्रबंधक (मानव संसाधन-एलएंडडी) सुश्री सुष्मिता पाटला द्वारा किया गया। उप प्रबंधक (नर्सिंग प्रशासन) श्रीमती शायला अब्राहम एवं सहायक प्रबंधक (आपातकालीन सेवाएं) श्रीमती लता मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया। यह पहल नेतृत्व विकास को प्रशिक्षण कक्ष से कार्यस्थल तक ले जाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।   

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