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NCERT Class 9 New Book: इतिहास की पढ़ाई में बड़ा बदलाव, 1000 से 1700 ईस्वी का ‘Resistance and Resilience’ अध्याय शामिल

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NCERT Class 9 New Book: कक्षा 9 के Social Science पाठ्यक्रम में इतिहास से जुड़ा एक नया अध्याय शामिल किया गया है। ‘Resistance and Resilience (1000 CE–1700 CE)’ नाम का यह अध्याय करीब सात शताब्दियों के भारतीय इतिहास को अलग नजरिए से समझाने पर केंद्रित है। NCERT के आधिकारिक सिलेबस में इस अध्याय को 9 घंटे के अध्ययन के लिए रखा गया है।

क्या है ‘Resistance and Resilience’ अध्याय?

नए अध्याय में 1000 से 1700 ईस्वी के बीच भारत में हुए राजनीतिक और सामाजिक बदलावों के साथ क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका को समझाया जाएगा। इसमें केवल सत्ता संघर्ष ही नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों और समुदायों द्वारा बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनाई गई रणनीतियों पर भी ध्यान दिया गया है।

NCERT के सिलेबस में अध्याय की शुरुआत ‘Safeguarding Sovereignty: Resistance, Alliances and Confederacies’ यानी संप्रभुता की रक्षा, प्रतिरोध, गठबंधन और संघों से होती है। इसके साथ क्षेत्रीय राज्यों के राजनीतिक, सैन्य और सांस्कृतिक योगदान को भी अध्ययन का हिस्सा बनाया गया है।

इतिहास के साथ कला और संस्कृति पर भी फोकस

इस अध्याय का दायरा सिर्फ युद्ध और राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं है। इसमें कला एवं वास्तुकला, भाषाओं और साहित्य, भक्ति परंपरा, किले और किलेबंदी जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार और राज्यों के विकास को भी पाठ्यक्रम में जगह दी गई है। NCERT के अनुसार छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि अलग-अलग क्षेत्र और समुदाय भारत के ऐतिहासिक विकास में किस तरह योगदान देते रहे।

1000 से 1700 ईस्वी का दौर क्यों महत्वपूर्ण?

इस अवधि में भारतीय उपमहाद्वीप में कई क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ और राजनीतिक परिस्थितियों में लगातार बदलाव आया। नए अध्याय का उद्देश्य छात्रों को इस लंबे दौर को विभिन्न क्षेत्रीय राज्यों, उनके राजनीतिक संबंधों और बदलती परिस्थितियों के संदर्भ में समझाना है।

इसमें प्रतिरोध के साथ-साथ गठबंधन, क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और बदलती राजनीतिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलन जैसे पहलुओं पर भी जोर दिया गया है।

‘Resistance’ और ‘Resilience’ का क्या मतलब?

अध्याय के नाम में शामिल Resistance का अर्थ प्रतिरोध है, जबकि Resilience का अर्थ कठिन या बदलती परिस्थितियों के बीच टिके रहने और उनके अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता से है।

NCERT के सिलेबस में भी क्षेत्रीय राज्यों द्वारा बदलती राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुसार अपनाई गई रणनीतियों को समझने पर जोर दिया गया है।

छात्रों को क्या पढ़ने को मिलेगा?

कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए इस अध्याय में मुख्य रूप से ये विषय शामिल हैं:

  • संप्रभुता की रक्षा और प्रतिरोध
  • क्षेत्रीय राज्यों का राजनीतिक एवं सैन्य योगदान
  • गठबंधन और संघ
  • कला एवं वास्तुकला
  • भाषाएं और साहित्य
  • भक्ति परंपरा
  • किले और किलेबंदी
  • भारतीय अर्थव्यवस्था और राज्यों का विस्तार

NCERT के आधिकारिक सिलेबस के अनुसार इसका उद्देश्य छात्रों को यह समझाना भी है कि 1000 से 1700 ईस्वी के बीच विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों ने भारत के इतिहास को किस तरह प्रभावित किया।

इतिहास पढ़ने का नजरिया होगा व्यापक

‘Resistance and Resilience’ अध्याय के जरिए छात्रों को इस कालखंड को सिर्फ युद्धों और सत्ता परिवर्तन के रूप में देखने के बजाय राजनीतिक, सैन्य, सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं के साथ समझने का अवसर मिलेगा।

यानी कक्षा 9 की Social Science की पढ़ाई में अब प्रतिरोध के साथ क्षेत्रीय शक्तियों का विकास, सांस्कृतिक परंपराएं, भक्ति आंदोलन और आर्थिक विस्तार जैसे विषय भी एक साथ पढ़ाए जाएंगे।

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