Meta Pixel

WhatsApp Business Pricing: 1 अक्टूबर से बदलेंगे मैसेजिंग के नियम, 24 घंटे बाद इन मैसेज पर लगेगा चार्ज

Spread the love

WhatsApp Business Pricing: WhatsApp का इस्तेमाल अब सिर्फ निजी बातचीत तक सीमित नहीं रह गया है। ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियां और छोटे-बड़े बिजनेस ग्राहकों से संपर्क, ऑर्डर अपडेट, पेमेंट जानकारी और प्रमोशनल मैसेज भेजने के लिए WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे बिजनेस यूजर्स के लिए Meta ने WhatsApp Business Platform की मैसेजिंग प्राइसिंग में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

नई व्यवस्था में मैसेज का प्रकार और ग्राहक के साथ बातचीत की स्थिति यह तय करेगी कि बिजनेस को उसके लिए भुगतान करना होगा या नहीं।

30 सितंबर तक पेमेंट मेथड जोड़ना जरूरी

नई प्राइसिंग लागू होने से पहले Meta ने WhatsApp Business Platform से जुड़े बिजनेस और सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स को अपने Messaging Account में पेमेंट मेथड जोड़ने के लिए कहा है।

इसके लिए 30 सितंबर 2026 तक की समयसीमा दी गई है। यदि कोई बिजनेस तय समय तक पेमेंट मेथड नहीं जोड़ता है, तो 1 अक्टूबर से शुल्क वाले सर्विस मैसेज की डिलीवरी प्रभावित हो सकती है।

Meta की व्यवस्था के अनुसार, बिजनेस द्वारा भेजे गए मैसेज की बिलिंग तभी होती है जब वह संबंधित WhatsApp यूजर तक सफलतापूर्वक डिलीवर हो जाए।

ग्राहक के मैसेज करते ही शुरू होती है 24 घंटे की विंडो

WhatsApp Business में Customer Service Window (CSW) का नियम काफी महत्वपूर्ण है। जब कोई ग्राहक किसी बिजनेस को WhatsApp पर मैसेज या कॉल करता है, तो उसके बाद 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो शुरू हो जाती है।

यदि ग्राहक इस दौरान दोबारा मैसेज या कॉल करता है, तो 24 घंटे की अवधि फिर से शुरू हो सकती है।

इस अवधि में बिजनेस ग्राहक को सामान्य नॉन-टेम्पलेट मैसेज भेजकर जवाब दे सकता है। इसमें सामान्य सर्विस रिप्लाई, फ्री-फॉर्म टेक्स्ट और AI से तैयार जवाब भी शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल किसी ग्राहक के साथ बिल्कुल नई बातचीत शुरू करने के लिए नहीं किया जा सकता। इसका उद्देश्य ग्राहक की पहले से मौजूद पूछताछ या बातचीत का जवाब देना है।

24 घंटे खत्म होने के बाद क्या होगा?

ग्राहक के आखिरी मैसेज या कॉल के 24 घंटे पूरे होने के बाद Customer Service Window बंद हो जाती है। इसके बाद बिजनेस सामान्य नॉन-टेम्पलेट मैसेज भेजकर बातचीत जारी नहीं रख सकता।

ऐसी स्थिति में WhatsApp Business Platform पर पहले से स्वीकृत टेम्पलेट मैसेज का इस्तेमाल करना पड़ता है। इन टेम्पलेट्स में मुख्य रूप से मार्केटिंग, ऑथेंटिकेशन और यूटिलिटी/ट्रांजैक्शनल मैसेज शामिल होते हैं।

नई प्राइसिंग व्यवस्था के तहत CSW खत्म होने के बाद भेजे जाने वाले कुछ टेम्पलेट मैसेज के लिए बिजनेस से शुल्क लिया जाएगा।

उदाहरण से समझिए पूरा सिस्टम

मान लीजिए किसी कंपनी ने WhatsApp के जरिए अपने नए प्रोडक्ट का प्रचार करने के लिए मार्केटिंग टेम्पलेट भेजा। ऐसे मैसेज पर बिजनेस को निर्धारित शुल्क देना पड़ सकता है।

अब अगर ग्राहक उस मैसेज का जवाब देता है, तो 24 घंटे की Customer Service Window शुरू हो जाती है। ग्राहक द्वारा भेजे गए सामान्य मैसेज के लिए उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाता। इसी विंडो के दौरान बिजनेस भी ग्राहक के सवाल का जवाब सामान्य टेक्स्ट मैसेज के जरिए दे सकता है।

इसी तरह, अगर ग्राहक ने कोई प्रोडक्ट खरीद लिया और बिजनेस ने ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए यूटिलिटी टेम्पलेट भेजा, तो सक्रिय 24 घंटे की विंडो के दौरान उस मैसेज पर शुल्क नहीं लग सकता।

लेकिन 24 घंटे की विंडो समाप्त होने के बाद अगर बिजनेस ऑर्डर अपडेट के लिए यूटिलिटी टेम्पलेट भेजता है, तो उस मैसेज पर संबंधित शुल्क लागू हो सकता है।

आम WhatsApp यूजर्स को नहीं देना होगा नया चार्ज

इस बदलाव को लेकर आम WhatsApp यूजर्स के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि यह नई प्राइसिंग WhatsApp Business Platform से संबंधित है।

इसका मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर 2026 से WhatsApp पर सामान्य व्यक्तिगत मैसेज भेजने के लिए आम यूजर्स से पैसे लिए जाएंगे। नई व्यवस्था मुख्य रूप से उन बिजनेस मैसेज पर लागू होती है, जिन्हें कंपनियां WhatsApp Business Platform के जरिए ग्राहकों को भेजती हैं।

इसलिए सामान्य यूजर की रोजमर्रा की WhatsApp चैट पर इस बिजनेस प्राइसिंग बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *