नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर में अमेरिका दौरे की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मोदी 14-15 दिसंबर 2026 को फ्लोरिडा के डोराल स्थित ट्रंप नेशनल डोराल मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन 14 और 15 दिसंबर को होना तय है।
ट्रंप के साथ संभावित द्विपक्षीय मुलाकात
सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी होती है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक भी संभावित एजेंडे में हो सकती है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हालिया बातचीत में संकेत दिया है कि G20 के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात महत्वपूर्ण संपर्कों में शामिल हो सकती है।
संभावित बातचीत में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों और लंबित व्यापार वार्ता को देखते हुए आर्थिक मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार पर भी रहेगी नजर
भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार हाल के वर्षों में बढ़कर करीब 240 अरब डॉलर तक पहुंचा है।
हालांकि, व्यापार के मोर्चे पर दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद भी बने हुए हैं। रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की नई टैरिफ नीति ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के सामने अतिरिक्त चुनौतियां पैदा की हैं।
G20 के दौरान क्वाड बैठक की भी संभावना
G20 सम्मेलन के आसपास क्वाड देशों—भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया—के नेताओं की बैठक आयोजित किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्वाड बैठक की संभावना का संकेत दिया है, हालांकि इसकी औपचारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अगर यह बैठक होती है, तो इसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज, आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है।
G20 के बाद कनाडा जाने की भी संभावना
रिपोर्टों के मुताबिक, G20 शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा दौरे की भी संभावना है। भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को लेकर बातचीत चल रही है और कनाडा ने 2026 के अंत तक समझौता पूरा करने को लेकर उम्मीद जताई है।
इस तरह दिसंबर का संभावित विदेश दौरा भारत के लिए अमेरिका के साथ व्यापार एवं रणनीतिक संबंधों और कनाडा के साथ आर्थिक वार्ता, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण संपर्कों का अवसर बन सकता है।