एकता नगर (गुजरात)। देश के पहले गृहमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री ने एकता नगर में ₹400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करने के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता और समावेशी विकास के संकल्प को मजबूत करना रहा।
एकता नगर को ₹400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में पर्यटन सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण, परिवहन व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की।
इन योजनाओं के तहत पर्यटकों के लिए बेहतर आवागमन, नए वॉकवे, सुरक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देने जैसी पहल शामिल बताई गई हैं। स्थानीय जनजातीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने एकता नगर को पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के समन्वय का उदाहरण बताते हुए इसके विकास को नई गति देने पर जोर दिया।
रेन फॉरेस्ट और बोन्साई गार्डन का किया दौरा
विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री ने एकता नगर के रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका (बोन्साई गार्डन) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जैव विविधता, दुर्लभ वनस्पतियों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी ली।
इन हरित क्षेत्रों का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने के साथ वनस्पतियों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की खासियत
गुजरात के नर्मदा जिले में साधु बेट द्वीप पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विश्वप्रसिद्ध स्मारक है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- ऊंचाई: प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर यानी लगभग 597 फीट है।
- डिजाइन: प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार राम वी. सुतार ने इसका डिजाइन तैयार किया।
- निर्माण: इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो ने किया।
- लोकार्पण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल की 143वीं जयंती पर इसे राष्ट्र को समर्पित किया।
यह स्मारक आज भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और सरदार पटेल के राष्ट्रीय योगदान का प्रमुख प्रतीक बन चुका है।
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में सुरक्षा बलों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा बलों की परेड और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और गुजरात पुलिस के जवानों ने हिस्सा लिया।
परेड के माध्यम से देश की सुरक्षा में लगे जवानों के अनुशासन, साहस और समर्पण को प्रदर्शित किया गया। विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत की विविधता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सामने रखा।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों ने एक एकीकृत भारत के निर्माण की नींव मजबूत की। इसी योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष और आधुनिक भारत के प्रमुख राष्ट्रनिर्माताओं में गिना जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के संकल्प को दोहराया। यह अवसर देशवासियों को याद दिलाता है कि भारत की ताकत उसकी विविधता, आपसी सहयोग और साझा राष्ट्रीय पहचान में निहित है।