नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की खबर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, संयुक्त किसान मोर्चा, SFI और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग इस मार्च में शामिल हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाई जा रही है।
दोपहर 1 बजे मार्च निकालने की योजना
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के लिए दोपहर 1 बजे का समय तय किया गया है। प्रतिभागियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास जुटने और वहां से गोल डाकखाना तथा गोल मार्केट होते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने की योजना है।
इस मार्च में महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी और किसान नेता राकेश टिकैत सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की चर्चा है। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए संबंधित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की भी जानकारी दी गई है।
SIR में गड़बड़ियों का आरोप, मतदाता सूची बहाल करने की मांग
प्रदर्शन से जुड़े संगठनों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। वे इस प्रक्रिया को रद्द करने और हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपने की योजना भी बताई गई है। ज्ञापन में SIR रद्द करने, हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग शामिल होने का दावा है।
हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की संख्या और कथित गड़बड़ियों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
300 से अधिक संगठनों के समर्थन का दावा
आयोजकों से जुड़ी जानकारी के अनुसार, मार्च को छात्र संगठनों, किसान संगठनों और नागरिक समाज के 300 से अधिक संगठनों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। पोस्टर में नेहा बोरा और आइशी घोष सहित कई लोगों के नाम भी सामने आए हैं।
रिपोर्ट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर के भी मार्च में शामिल होने की चर्चा है। हालांकि, सभी संभावित प्रतिभागियों की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
SIR को लेकर बढ़ी राजनीतिक और सामाजिक बहस
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नामों की जांच और सूची को अद्यतन करने से जुड़ा है। जहां चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की जा रही है, वहीं प्रदर्शनकारियों की मांगों और आरोपों का आकलन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों तथा तथ्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
दिल्ली में प्रस्तावित मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों की मांगों, सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव आयोग की संभावित प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
नोट: मार्च में शामिल होने वाले लोगों, समय, मार्ग और संगठनों की भागीदारी से संबंधित विवरण उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं। कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति और संबंधित दावों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।