अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए हर दिन अंडा, दूध या पनीर खाना जरूरी नहीं है। भारतीय रसोई में मौजूद कई दालें और फलियां भी प्रोटीन के साथ फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं। मूंग, मसूर, चना, राजमा और सोयाबीन को अलग-अलग तरीके से डाइट में शामिल किया जा सकता है।
1. मूंग दाल
मूंग दाल भारतीय घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दालों में शामिल है। इसे सामान्य दाल के अलावा खिचड़ी, चीला और स्प्राउट्स के रूप में भी खाया जा सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है और इसे भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
2. मसूर दाल
मसूर दाल स्वादिष्ट होने के साथ रोज की डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान विकल्प है। इसे दाल, सूप और कई दूसरी रेसिपी में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर दोनों पाए जाते हैं।
3. चना दाल
चना दाल भी प्रोटीन और फाइबर से भरपूर दालों में शामिल है। इससे सिर्फ दाल ही नहीं, बल्कि चीला, सब्जी और कई तरह के स्नैक्स भी बनाए जा सकते हैं। इसे नियमित भोजन का हिस्सा बनाकर प्लांट प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
4. राजमा
राजमा को आमतौर पर चावल के साथ खाया जाता है, लेकिन इसे सलाद और दूसरे व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है। इसमें प्लांट प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं। हालांकि, राजमा को खाने से पहले पर्याप्त समय तक भिगोना और अच्छी तरह पकाना जरूरी है।
5. सोयाबीन
सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसे भिगोकर और अच्छी तरह पकाकर खाया जा सकता है। सोयाबीन से कई तरह के व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं, जिससे इसे डाइट में शामिल करना आसान हो जाता है।
दालों को खाने का सही तरीका
हर दिन एक ही दाल खाने के बजाय अलग-अलग दालों और फलियों को बारी-बारी से भोजन में शामिल करें। दाल को रोटी या चावल के साथ खाने से भोजन में प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट और अन्य पोषक तत्व भी शामिल होते हैं। इसके अलावा दाल के साथ सब्जियां और सलाद लेने से भोजन को और संतुलित बनाया जा सकता है।
एक जरूरी बात यह है कि राजमा जैसी फलियों को अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। उचित भिगोने और पकाने से उनमें मौजूद कुछ ऐसे तत्व कम होते हैं जो कच्ची या अधपकी फलियां खाने पर परेशानी पैदा कर सकते हैं।
अगर आपका लक्ष्य प्रोटीन बढ़ाना है, तो सिर्फ किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय दाल, फलियां, डेयरी, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोतों का संतुलित संयोजन रखना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।